महिला सब स्टेशन बनाने के बाद अब बिजली निगम आदर्श सब स्टेशन बनाने की राह पर चल पड़ा है। इसके लिए भिवानी सर्कल के बीटीएम रोड स्थित सबसे पुराने सब स्टेशन को चुना गया है। जिसकी शुरूआत करीब 57 साल पहले की गई थी। 1962 में स्थापित हुए 132केवी पावर सब स्टेशन को मॉडल सब स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसके बाद शहर के करीब 72 हजार बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सुविधा का लाभ मिलेगा।
पांच दशक से भी अधिक पुराने हो चुके पावर सब स्टेशन का इलेक्ट्रिकल और सिविल ढांचा बुनियादी दौर से ही चला आ रहा है। जो अब पुरी तरह से जर्जर होने के साथ पुराना भी हो चुका है। लेकिन इस सब स्टेशन को मॉडल के तौर पर विकसित करने के बाद यहां बुनियादी ढांचे में अमूल चूल परिवर्तन किया जाएगा और अत्याधुनिक इलेक्ट्रिकल पैनल भी लगाए जाएंगे। इसी के साथ पावर सब स्टेशन के पूरे भवन को भी अत्याधुनिक तकनीकों सुसज्जित किया जाएगा।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम हिसार मुख्यालय की प्लानिंग एंड डिजाइनिंग कंस्ट्रक्शन डिवीजन (पीडी एंड सी) द्वारा शहर के 132केवी पावर सब स्टेशन पर सिविल वर्क किया जाएगा। इसमें कंट्रोल रूम के अलावा सब स्टेशन की चहारदीवारी को दुरुस्त व आकर्षक बनाया जाएगा। बिजली निगम मुख्यालय ने शहर के सेक्टर 13 स्थित 132केवी पावर सब स्टेशन को महिला सब स्टेशन का दर्जा दिया हुआ है। सब स्टेशन पर चतुर्थ श्रेणी से लेकर तकनीकी अधिकारियों तक सभी महिला कर्मचारी ही शामिल हैं। निगम का यह प्रयोग सफल रहा और इसके बाद अब निगम ने पुराने सब स्टेशन को मॉडल सब स्टेशन में तबदील करने का फैसला लिया है। भिवानी सर्कल के अंतर्गत आने वाले चरखी दादरी जिला व भिवानी जिला में करीब 19 पावर सब स्टेशन 132केवी के हैं, जबकि 33 केवी के पावर सब स्टेशनों की तादाद 66 आंकी जा रही है। सात नए 33केवी पावर सब स्टेशनों का निर्माण भी अंतिम चरण में है। इन सभी पावर सब स्टेशनों से दादरी और भिवानी के 797 फीडरों का संचालन निगम द्वारा किया जा रहा है।
ये लगेगा सिविल और इलेक्ट्रिकल विंग में बजट : बीटीएम रोड के 132केवी सब स्टेशन को मॉडल सब स्टेशन बनाने के लिए दो चरणों में बजट खर्च होगा। इसमें सिविल वर्क के लिए करीब 57 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जबकि इलेक्ट्रिक वर्क के लिए करीब 75 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जबकि सब स्टेशन के आसपास के इलाके की सभी सड़कें भी चकाचक होगी और सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया जाएगा। दोनों ही तरह के बजट की अलग अलग विंग द्वारा मंजूरी और खर्च किया जाएगा। जिसके काम की निगरानी भी संबंधित विंग के तकनीकी अधिकारियों द्वारा ही की जाएगी।
बीटीएम रोड के सब स्टेशन को मॉडल सब स्टेशन बनाने के लिए इलेक्ट्रिक वर्क के बजट को मंजूरी मिल चुकी है। इसे तहत सब स्टेशन के अर्थिंग के कार्य को नए सिरे से किया जाएगा। इसी तरह सभी पुराने उपकरण बदली किए जाएंगे। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
-अमित जाखड़, एसडीओ एचवीपीएनएल।
सब स्टेशन के अत्याधुनिकीकरण के लिए सिविल वर्क का एस्टीमेट तैयार कर निगम मुख्यालय को भेजा जा चुका है। जैसे ही बजट को मंजूरी मिलेगी, इसके बाद वर्क ऑर्डर जारी किए जाएंगे और आठ माह की निर्धारित अवधि में काम पूरा किया जाएगा। सब स्टेशन सिविल वर्क प्लानिंग एंड डिजाइनिंग कंस्ट्रक्शन विंग द्वारा किया जाएगा।
- गौरव, एसडीओ सिविल वर्क विंग।