कार्यक्रम में मौजूद बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव व अन्य।
भिवानी। शिक्षा बोर्ड में दौरे पर आए माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन इंडिया दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने व शिक्षा पद्धति के नए आयाम स्थापित करने बारे शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के सामने अपने सुझाव रखे। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ निदेशक प्राची जैन विंडलॉस, एजुकेशन इनिशिएटिव के वाइस प्रेसिडेंट रितेश अग्रवाल, समग्र शासन के प्रोग्राम लीडर आदित्य चोपड़ा एवं मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी के प्रतिनिधि रोहन कुमार ने शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव से मुलाकात की।
शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव, कार्यकारी सचिव कुलदीप वर्मा एवं उप सचिव ओपी निम्बीवाल ने माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन इंडिया के सदस्य सारवी डुबलिस व एजुकेशन इनिशिएटिव की सदस्य मनीषा उप्रेती एवं समग्र शासन के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य प्रज्ञा माथुर, नमीषा मेहरा व खुशी गोयल का शिक्षा बोर्ड में स्वागत किया। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की शैक्षिक व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रणाली तथा कौशल एवं विकास संबंधी शिक्षा का अध्ययन करना रहा। उन्होंने बताया कि ये संस्थाएं हरियाणा सरकार शिक्षा विभाग के साथ मिलकर वर्ष-2014 से वंचित छात्रों के लिए परीक्षा परिणामों में सुधार लाने और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा तक उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए कार्य करती है, क्योंकि हम जिसे माप नहीं सकते उसे सुधार नहीं सकते। वे मानक मूल्यांकन विकसित करने और तैनात करने में मदद करेंगे, जो हमें सीखने और सिखाने में सुधार के लिए एक रोडमैप तैयार करेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के स्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाकर छात्र-छात्राओं को उत्तम गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वर्तमान कार्यप्रणाली संबंधी जानकारी प्राप्त की। शिक्षा बोर्ड की परीक्षा व मूल्यांकन प्रणाली को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने व विकसित करने के लिए विचार-विमर्श किया। उनके द्वारा समय-समय पर शिक्षा बोर्ड के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मानक विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में अग्रिम शिक्षण हेतु लाभ मिलेगा एवं व्यवसायिक विकास के अवसर मिलेंगे व नवीनतम शैक्षणिक कौशल जानने का अवसर मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बोर्ड की कार्यप्रणाली काफी सुदृढ़ है, विशेषकर शिक्षा व परीक्षा प्रणाली में नवीनतम तकनीकों का समावेश अपने आप में एक मिसाल है।