भिवानी। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह के तहत जल संरक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक स्कूल को 4 हजार रुपये के हिसाब से जारी किए गए हैं। कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थी स्कूलों में रेन हार्वेस्टिंग वाटर सिस्टम तैयार करेंगे। यह बारिश के पानी को छत और मैदान से इकट्ठा कर साफ करके जमीन में पहुंचाएगा। इससे भू-जल स्तर बढ़ाने में आसानी होगी।
प्रदेश के 119 ब्लॉकों के 383 स्कूलों को योजना में शामिल किया है। जिसके लिए 15.32 लाख रुपए जारी कर दिए गए हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम की तरफ से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, जागरूकता रैली, पोस्टर व स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। वहीं जागरूकता रैली, स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी ताकि जल संरक्षण के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके। जिला विज्ञान विशेषज्ञ इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।
भू-जल स्तर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की रिपोर्ट के अनुसार देश में 1950 के दशक में प्रतिव्यक्ति प्रति वर्ष 5000 घन मीटर से अधिक भू-जल उपलब्ध था लेकिन अब 1400 घन मीटर से कम हो चुका है। अगर जलस्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही तो 2050 तक यह 1200 घन मीटर से कम भू-जल स्तर होगा। अगर हालात नहीं बदले तो कम जलस्तर का असर कृषि के पैदावार पर भी देखने को मिलेगा। जिला विज्ञान विशेषज्ञ रोहित इंदौरा ने बताया कि मुख्यालय की तरफ से इसका पत्र जारी हो चुका है।