पंचायत विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों को बैठक में दिशा निर्देश देते डीसी साहिल गुप्ता। सूच
भिवानी। डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले में पराली जलाने की कोई घटना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि, पंचायत और पुलिस विभाग के अधिकारी पूरी निगरानी रखें और किसानों को जागरूक करने के लिए नियमित रूप से गश्त करें।
डीसी सोमवार को लघु सचिवालय परिसर स्थित वीसी रूम में पराली जलाने पर प्रतिबंध को लेकर आयोजित बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं, इसलिए किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के उपायों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है। डीसी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विभिन्न कृषि उपकरणों पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
वहीं कृषि उपनिदेशक डॉ. विनोद फोगाट ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए जिला, उपमंडल और ग्राम स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं। गांव स्तर पर हर 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को पराली प्रबंधन के उपायों के बारे में जानकारी दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस, राजस्व, पंचायत और कृषि विभाग की संयुक्त उड़ान दस्ता टीम भी बनाई गई है। इसके अलावा हरसेक द्वारा सैटेलाइट से पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी की जा रही है। यदि कोई किसान पराली जलाता है तो उसकी लोकेशन तुरंत कृषि विभाग और जिला प्रशासन को मिल जाएगी। इस अवसर पर कृषि विभाग और पंचायत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।