भिवानी/बवानीखेड़ा। कस्बा बवानीखेड़ा में इन दिनों बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मुख्य चौक-चौराहों पर सुबह से शाम तक पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन भी लोगों से पशुओं को दूध निकालने के बाद खुला न छोड़ने की अपील कर रही है लेकिन अधिकांश लोग इस अपील की अनदेखी कर रहे हैं।
मुख्य बाजार में गुलाब सिंह पार्क के पास बैठे फल और सब्जी विक्रेता भी शाम को बची हुई खराब सब्जियां यहीं छोड़ देते हैं। इसके कारण पेट भरने के लालच में बेसहारा पशु पूरे दिन पार्क के पास मंडराते रहते हैं। वहीं पार्क के पास 20 से 25 फास्ट फूड की रेहड़ियां भी लगती हैं जिनके संचालक भी गंदगी यहीं डाल जाते हैं। प्रतिदिन औसतन 30 बेसहारा पशु गुलाब सिंह पार्क से लेकर बाबा कमाल मंदिर तक घूमते रहते हैं। पशुओं के रास्ते में खड़े होने के कारण वाहन चालकों और लोगों के निकलने का रास्ता बाधित होता है। खासकर छोटे बच्चों के लिए खतरा बना रहता है।
वे मुख्य स्थान जहां रहता है पशुओं का जमावड़ा
कस्बे में शहीद गुलाब सिंह पार्क के पास, सामान्य अस्पताल के सामने चौक के बीच, बाबा कमाल झील के पास, ओम शांति आश्रम के पास, बड़ा गौरवा, दूंढवा जोहड़, पुर रोड, भिवानी रोड, पुलिस थाना के पास, हांसी चुंगी, जमालपुर रोड पर पशुओं का जमावड़ा सबसे अधिक रहता है। रात के समय पशु संकरी गलियों में भी घूमने लगते हैं जिससे बाइक चालकों को काफी दिक्कत होती है।
मुख्य मार्ग पर पशुओं के जमावड़े के कारण
कस्बे में कोई सब्जी मंडी नहीं है और फास्ट फूड की रेहड़ियों के लिए स्थायी स्थान नहीं। इसलिए विक्रेता शाम को बची हुई बासी सब्जी और कचरा यहीं छोड़ देते हैं। पेट भरने के लिए बेसहारा पशु मुख्य मार्ग पर जमा रहते हैं और वाहन चालकों के लिए बाधा बनते हैं।
पुण्य के चक्कर में कमा रहे पाप
कुछ लोग पुण्य कमाने के लिए झील, ओम शांति आश्रम और डिवाइडरों पर पशुओं को चारा डालते हैं। इससे पशु मुख्य मार्ग तक पहुंच जाते हैं और वाहन चालकों के लिए खतरा बनते हैं। कुछ कस्बावासी मानते हैं कि यदि लोग मुख्य मार्ग पर चारा डालना बंद कर देंगे तो पशु यहां नहीं आएंगे।
कस्बे के मुख्य मार्ग पर बेसहारा पशुओं की भीड़ जमा रहती है। इस कारण वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए। - भारत कौशिक, कस्बावासी।
पुलिस थाने के पास भी पशु रोड के बीच में बैठे रहते हैं। रात के समय वाहनों की गति अधिक होने के कारण हादसे का खतरा बढ़ जाता है। -रामुकमार, कस्बावासी।
लोग बेसहारा पशुओं को उचित स्थान पर चारा नहीं डालते। पेट भरने के लिए पशु मुख्य मार्ग पर पहुंच जाते हैं। जिस कारण हादसा होने का डर बना रहता है। - ओम सिंह, कस्बावासी।
कुछ लोग दूध निकालने के बाद पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। ये पशु पूरे दिन सड़क पर घूमते रहते हैं और हादसों का कारण बनते हैं। नगर पालिका प्रशासन को ऐसे पशुपालकों पर कार्रवाई करनी चाहिए। - महेंद्र सिंह, कस्बावासी।
कस्बे की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं। जल्दी टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से बेसहारा पशुओं को पकड़ कर उचित स्थान पर भेजा जाएगा। नगर पालिका का प्रयास है कि कस्बे में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। - सुंदर अत्री, नगर पालिका अध्यक्ष बवानीखेड़ा