वाटर शेड स्कीम के तहत श्याम भवन में किसानों और ग्रामीणों को सब्जियों के बीज वितरित करते चेयरमैन
बहल। वाटर शेड योजना के तहत रविवार को कस्बे के श्याम भवन में किसान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को जहर मुक्त खेती अपनाने और परंपरागत कृषि के साथ फल, फूल व बागवानी से जुड़ने का आह्वान किया गया। शिविर की अध्यक्षता वाटर शेड स्कीम के चेयरमैन व पूर्व सरपंच गजानंद अग्रवाल ने की।
शिविर में गजानंद अग्रवाल ने कहा कि अंधाधुंध रसायनों और उर्वरकों के प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है और मानव जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कीटनाशकों के कारण लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे देशी तरीके से तैयार किए गए कीटनाशकों का प्रयोग करें और उर्वरकों का उपयोग कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उचित मात्रा में ही करें, ताकि मिट्टी को नुकसान न पहुंचे और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर न पड़े।
अग्रवाल ने कहा कि परंपरागत खेती के साथ फल, फूल और बागवानी से जुड़कर किसान अपनी उत्पादकता बढ़ा सकते हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। शिविर में किसानों को वाटर शेड स्कीम के तहत विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियों के बीज भी वितरित किए गए। इस अवसर पर कमेटी सचिव महेश सोनी, ईश्वर नंबरदार, कमल पंसारी, सूबे सिंह डागर और छोटू मिस्त्री मौजूद रहे।