श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास के दौरान शादी-विवाह जैसे कार्य नहीं किए जाते। मान्यता है कि अगर खरमास में शादी की जाए तो सुख-सम्पत्ति की प्राप्ति नहीं होती, इसलिए खरमास में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। इसके अलावा खरमास में लगन, गृह प्रवेश, जनेऊ और मुंडन जैसे कार्य भी वर्जित होते हैं।
उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में खरमास को मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। क्योंकि इस दौरान धनु राशि में सूर्य के होने से स्थितियां बिगड़ जाती हैं। अगर इस दौरान आप कोई शुभ या मांगलिक कार्य करते हैं तो वह कार्य खराब हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई नया बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो भूलकर भी खरमास के महीने में शुरुआत न करें, क्योंकि इससे आपको नुकसान ही होगा।
मान्यता है कि खरमास के दिनों में शुभ कार्य करने से वह अशुभ फल प्रदान करता है और इसलिए शुभ कार्यों की मनाही होती है। इसी अवधि के दौरान चैत्र नवरात्र नव संवत्सर 2080 भी प्रारंभ हो रहा है। नवरात्र 22 मार्च से 30 मार्च तक रहेंगे जिनमें कुछ शुभ कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है।