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Bhiwani News: मोबाइल पर झुकी नजरें और गलत बैठने की आदतें बना रहीं सर्वाइकल का दर्दनाक जाल

Tue, 28 Oct 2025 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
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भिवानी। लंबे समय तक मोबाइल पर नजरें झुकाए रखने और ऑफिस में बेढंग तरीके से बैठकर काम करने की गलत आदत अब लोगों के शरीर पर भारी पड़ रही है। इससे सर्वाइकल, जोड़ों के दर्द, गठिया और शरीर दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बेड पर गलत तरीके से सोने या आराम करने से भी रीढ़ की हड्डी प्रभावित हो रही है जिसके कारण दर्द की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं।
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पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 400 से 450 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं जिनमें से करीब 130 से 140 मरीज सर्वाइकल दर्द से परेशान हैं। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी में रोजाना दो हड्डी रोग विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई है। चिकित्सक मरीजों को दवाओं के साथ-साथ सही मुद्रा में बैठने और देखभाल की सलाह दे रहे हैं।

ऐसे करें बचाव
मोबाइल की स्क्रीन आंखों के बराबर रखें, गर्दन झुका कर अधिक देर तक मोबाइल न चलाएं।
ऑफिस में सीधे बैठकर काम करें, झुकने से बचें।
कैल्शियम और विटामिन युक्त आहार लें।
कठोर तकिए का प्रयोग न करें।
अगर शरीर में दर्द रहता है तो ठंडे खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
लेटकर टीवी या मोबाइल न देखें।
रोजाना सैर और योगासन करें।

ये हैं कारण
युवाओं में लेटकर मोबाइल चलाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते वे गर्दन को बेढंग तरीके से मोड़ते हैं जिससे मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है। ऑफिस में लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से भी रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है। शुरुआती दौर में हल्का दर्द महसूस होता है लेकिन समय के साथ यह दर्द बढ़कर सर्वाइकल में बदल जाता है।
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बेढंग तरीके से लेटकर मोबाइल चलाने से सर्वाइकल दर्द की समस्या बढ़ रही है। ओपीडी में शरीर दर्द और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। दर्द को हल्के में न लें। समय-समय पर विटामिन-डी की जांच कराएं। अगर दर्द लंबे समय से बना हुआ है तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। - डॉ. राकेश शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज भिवानी
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