भिवानी। नए कलेक्टर रेट के फेर में स्टांप का मामला उलझने से राजस्व विभाग का सिस्टम भी स्विच ऑफ हो गया है। राजस्व विभाग नए स्टांप के हिसाब से अपने सिस्टम को अपडेट करने में जुटा हैं, वहीं लोग भी रजिस्ट्री को लेकर चक्कर काटने पर मजबूर हैं।
भिवानी तहसील में रोजाना स्टांप की वजह से 20 से 25 रजिस्ट्रियां प्रभावित हो रही हैं। नए कलेक्टर रेट भी शहरी दायरे की प्रॉपर्टी पर 15 से 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं।
भिवानी तहसील कार्यालय में रोजाना ही रजिस्ट्री के लिए 100 टोकन काटे जा रहे हैं, लेकिन इनमें से सामान्य तौर पर 60 से 70 लोगों की रजिस्ट्रियां ही हो पाती थीं, लेकिन अब नए कलेक्टर रेट लागू किए जाने के बाद पुराना सिस्टम बंद कर दिया है, जिसे मुख्यालय से ही अपडेट किया जा रहा है। राजस्व विभाग के स्थानीय अधिकारी भी नए कलेक्टर रेट की चेक लिस्ट जांच रहे हैं, ऐसे में स्टांप की ड्यूटी वाली रजिस्ट्रियां बंद कर दी गई हैं। ऐसे में ई दिशा केंद्र में लोग रजिस्ट्री कराने तो पहुंच रहे हैं, मगर सिस्टम काम नहीं करने पर उन्हें निराश ही लौटना पड़ रहा है। दरअसल भिवानी तहसील कार्यालय में डीड, लोन व जीपीएम श्रेणी में आने वाली रजिस्ट्रियां तो हो रही हैं, क्योंकि इनमें स्टांप ड्यूटी नहीं लग रही, जिसकी वजह से इन पर कोई प्रभाव नहीं हैं, मगर जिन रजिस्ट्रियों में स्टांप ड्यूटी लग रही है, उन पर फिलहाल ब्रेक लग गया है, क्योंकि उन प्रॉपर्टी के नए कलेक्टर रेट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी भी बढ़ गई हैं, इस बढ़े हुए रेट के हिसाब से सिस्टम को अभी अपडेट किया जा रहा है।
तीन दिन से लगा रहे चक्कर, नहीं हो रही रजिस्ट्री
ई दिशा केंद्र में रजिस्ट्री कराने आए महेश, कर्मबीर, श्याम सिंह, रामकुमार ने बताया कि तीन दिन से यहां चक्कर लगा रहे हैं, मगर रजिस्ट्री नहीं हो रही है। यहां तैनात कर्मचारी भी सिस्टम अपडेट नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं, क्योंकि कंप्यूटर पर स्टांप रजिस्ट्री से संबंधित कोई कामकाज नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि कई लोगों की रजिस्ट्री का तो तय समय था, इसलिए वे यहां पूरी तैयारी कर आए थे, उन्हें टोकन भी मिल चुका था, मगर ऐन वक्त पर उनकी रजिस्ट्री यह कहकर नहीं की कि अभी सिस्टम बंद है।
20 फीसदी तक बढ़े कलेक्टर रेट
नए कलेक्टर रेट के हिसाब से शहरी दायरे की प्रॉपर्टी अब और भी महंगी हो गई हैं, जिसकी वजह से शहर में अलग-अलग हिस्सों की रजिस्ट्री पर करीब 20 फीसदी तक आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ऐसे में मुख्य मार्गों और पॉश कालोनियों में भी रजिस्ट्री के स्टांप ड्यूटी बढ़ गई है।
जल्द अपडेट होगा सिस्टम
नए कलेक्टर रेट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी वाली रजिस्ट्रियां बंद हैं, जल्द ही सिस्टम अपडेट हो जाएगा, जिसके बाद इन रजिस्ट्रियों को नए कलेक्टर रेट के हिसाब से स्टांप तय कर किया जाएगा। बाकी रजिस्ट्रियां पहले की तरह हो रही हैं। यह तकनीकी दिक्कत हैं, इसकी वजह से काम प्रभावित हुआ है।
- रवींद्र सिंह, तहसीलदार भिवानी तहसील।