भिवानी। बदले मौसम के मिजाज के कारण इन दिनों बीमारियों के संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल में बुखार, टाइफाइड, पीलिया के मरीजों की संख्या जहां निरंतर बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के बदौलत जिला अब तक डेंगू मच्छर के डंक से सुरक्षित है। हालांकि इस साल जिले में डेंगू जांच के 192 आशंकित सैंपल नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय स्थित लैब में भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट नेगिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन दिनों शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एंटी लारवा अभियान और जागरूकता अभियान चलाया जा है। अभियान के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मी लोगों को डेंगू व मलेरिया के लक्षण और बचाव के बारे में पोस्टर के माध्यम से जानकारी दे रहे है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग घरों में रविवार और सरकारी कार्यालयों में प्रत्येक शुक्रवार को ड्राई-डे मनाने का आह्वान भी कर रहा है। सोमवार को राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर नागरिक अस्पताल सहित प्रत्येक सीएचसी व पीएचसी क्षेत्र में डोर टू डोर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
सीएचसी में की सैंपलिंग की व्यवस्था, 142 टीम कर रही जागरूक
जिले के नागरिक अस्पताल के अलावा जिले की कैरू, लोहारू, तोशाम, बवानीखेड़ा, सिवानी, जमालपुर, मीरान, मानहेरू में डेंगू जांच की व्यवस्था की हुई है, ताकि दूर-दराज क्षेत्र के मरीजों को जांच के लिए जिला मुख्यालय तक चक्कर न काटने पड़े। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू व मलेरिया की जांच के 142 टीमों का गठन किया हुआ है, जिनमें से शहरी क्षेत्र में 22 और ग्रामीण क्षेत्र में 120 टीमें कार्य को गति दे रही हैं।
आईएमए को जारी की गाइडलाइन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू की जांच को लेकर आईएमए को गाइडलाइन जारी की है। निजी अस्पताल और निजी लैब में अगर डेंगू का संदिग्ध मरीज आता है तो उसका सैंपल नागरिक अस्पताल की लैब में भेजे। नागरिक अस्पताल की लैब में पुष्टि के बाद ही डेंगू पॉजिटिव माना जाएंगा। साथ ही कोई भी निजी लैब संचालक मरीज से डेंगू सैंपल जांच के 600 रुपये से अधिक जांच शुल्क नहीं ले सकता। अगर कोई निजी लैब संचालक इन गाइनलाइन का पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डेंगू के लक्षण :
एडीज मच्छर के काटने के चार से पांच दिन में पीड़ित को तेज बुखार होता है। कई बार बुखार के साथ इतना तेज दर्द होता है कि सामान्य भाषा में इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। भूख न लगना, उल्टी-दस्त, गले में खरास, पेट दर्द और लिवर में सूजन इसके अन्य लक्षण हैं।
डेंगू से ऐसे करें बचाव :
घर या आसपास पानी नहीं जमा होने दें। कूलर, गमला या अन्य खाली बर्तन कहीं भी पानी जमा करके नहीं रखें। खुद को मच्छरों से बचाएं, इसके लिए खिड़कियों-दरवाजों में जाली व सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आसपास साफ सफाई करें, फॉगिंग करवाएं और यदि आसपास पानी जमा है तो उसमें एंटी लारवा या केरोसिन तेल डलवाएं।
राष्ट्रीय डेंगू दिवस:
प्रत्येक वर्ष 16 मई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य डेंगू के बारे में जागरूकता फैलाना और निवारक उपायों को बढ़ाना है तथा साथ ही देशभर में इस बीमारी को रोकने व इसे नियंत्रित करने के तरीकों का पता लगाना है।
पिछले 11 साल में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों के आंकड़ें:
वर्ष मलेरिया डेंगू चिकनगुनिया
2011 3653 00 00
2012 2613 02 00
2013 953 34 00
2014 293 00 00
2015 141 601 00
2016 211 17 04
2017 65 85 01
2018 70 50 --
2019 03 13 --
2020 01 49 --
2021 00 356 --
2022 00 00 00
वर्जन:
सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने निर्देशानुसार डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बचाव व जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से अब तक 192 आशंकित सैंपल की जांच की है, जिनमें रिपोर्ट नेगिटिव आई है। प्रत्येक निजी अस्पताल में डेंगू की जांच पुष्टि के लिए नागरिक अस्पताल की लैब में सैंपल भेजने के आदेश भी दिए है। इसके साथ ही सोमवार को राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
- डॉ. शिवकुमार कौशिक, डिप्टी सिविल सर्जन कम जिला मलेरिया व डेंगू अधिकारी।