भिवानी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा खरीफ फसल सीजन के दौरान किसानों को समय पर एवं उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिले में व्यापक निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था लागू की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक कृषि निदेशक डॉ. विनोद फोगाट ने बताया कि जिले में वर्तमान समय में सभी प्रमुख उर्वरकों जैसे यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आगामी मांग को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त आपूर्ति भी नियमित रूप से प्राप्त की जा रही है।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक खरीदें। अनावश्यक भंडारण से अन्य किसानों को असुविधा हो सकती है। उन्होंने उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी तथा अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं की नियमित जांच के निर्देश जारी किए हैं।
यदि कोई विक्रेता निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निलंबन अथवा रद्द करने की कार्रवाई भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उर्वरकों की मांग और खपत पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। जिन क्षेत्रों में असामान्य मांग या बिक्री की सूचना प्राप्त होगी, वहां विशेष निरीक्षण दल भेजे जाएंगे तथा स्टॉक एवं बिक्री अभिलेखों की गहन जांच की जाएगी।
उर्वरकों के गैर-कृषि एवं औद्योगिक उपयोग को रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभागीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करेंगे ताकि कृषि उपयोग के लिए उपलब्ध उर्वरक किसी अन्य उद्देश्य के लिए प्रयोग न किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा विशेष परामर्श कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है, जिससे उत्पादन लागत कम हो तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहे।
उन्होंने बताया कि उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने हेतु जिले में प्राप्त होने वाली प्रत्येक उर्वरक रैक की जानकारी ट्रक नंबर सहित तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों के साथ साझा की जा रही है। इससे उर्वरकों की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति सभी के समक्ष स्पष्ट रहती है तथा किसी प्रकार की गलत सूचना की संभावना समाप्त होती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें तथा प्रतिदिन निरीक्षण रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजें। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान को उर्वरक उपलब्धता, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, जमाखोरी अथवा अन्य किसी अनियमितता की जानकारी प्राप्त होती है तो वह तुरंत विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।
भिवानी के क्यूसीआई सुरेन्द्र कुमार 9466746306, एसडीएओ संजय कुमार 8950488352, लोहारू से एसडीएओ ईश्वर सिंह 9050963170 और एसडीएओ सुभाष चंद्र 9466246934 से संपर्क कर सकते है।