बड़ेसरा गांव के पूर्व सरपंच पवन की हत्या मामले का पुलिस ने महज 41 घंटे में ही खुलासा कर दिया। पूर्व सरपंच की हत्या उसके पिता और भाई की हत्या के मामले में जेल में बंद पूर्व सरपंच पति आनंद ने अपने बेटे और भतीजे से करवाई थी। आनंद को पुलिस ने एक दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लिया तो मामले का खुलासा हुआ। आनंद की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी बेटे और भतीजे को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्त में आनंद ने कहा कि दोहरे हत्याकांड में सात आरोपी थे, मगर 52 के नाम लिखवा दिए। पुलिस 14 बेगुनाह रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो गए। ऐसे में क्या करता?
बता दें कि 14 अक्तूबर की देर शाम करीब सात बजे बड़ेसरा गांव में बस स्टैंड से घर लौट रहे पूर्व सरपंच पवन (38) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक पर सवार होकर आए दो युवकों ने सात गोलियां मारकर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई राज कुमार की शिकायत पर 11 नामजद और दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी मामले में पुलिस ने जेल में बंद और इस हत्या के अलावा पहले हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपी पूर्व सरपंच के पति आनंद बबलू को जेल से एक दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लिया। उसे जेल से एक दिन के रिमांड पर लिया गया, जिसमें उसने इस हत्याकांड का खुलासा किया और बताया कि उसी ने पवन की हत्या की साजिश रची थी। उसके बेटे करीब अंकित (19) और भतीजे सचिन (21) ने हत्या की है। पुलिस ने आनंद की निशानदेही पर अंकित और सचिन को बांस गांव से गिरफ्तार कर लिया।
पूरा परिवार बर्बाद हो गया, ऐसे में क्या करता...
पुलिस हिरासत में आरोपी आनंद बबलू ने बताया कि पवन उर्फ पोनी ने उसका पूरा परिवार बर्बाद कर दिया। पहले हुए दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार सात आरोपी ही सही हैं, बाकी 14 निर्दोष गिरफ्तार किए गए हैं। मामले में 54 लोगों के खिलाफ केस दर्ज है। पूरा परिवार बर्बाद हो गया, ऐसे में क्या करता?
छह लाख रुपये लेकर एक आरोपी फरार
आनंद ने जेल में रहते हुए पहले जेल में ही बंद एक अन्य केस के आरोपी से पवन की हत्या कराने की साजिश रची। इसके लिए उक्त आरोपी को छह लाख रुपये भी दिए। मगर वह रुपये लेकर फरार हो गया और काम भी नहीं किया।
एक लाख में खरीदकर लाए दो पिस्तौल और 14 गोलियां
आरोपी अंकित और सचिन ने बताया कि वे एक लाख रुपये में दो पिस्तौल और 14 गोलियां खरीदकर लाए। पिस्तौल मिलने के लिए इंतजार करना पड़ा। मगर जब पिस्तौल सुबह मिले तो शाम को ही पोनी की हत्या कर दी। अंकित ने बताया कि मेरे पापा ने कहा था और मैने उसकी हत्या कर दी।
जमीन विवाद के बाद चौधर की लड़ाई ने कर दिए कई परिवार बर्बाद
मृतक पूर्व सरपंच पवन और आरोपी आनंद पहले गहरे मित्र थे। पवन ने ही आनंद की शादी अपनी रिश्तेदारी में करवाई थी। जमीन को लेकर उनके बीच शुरू हुआ विवाद बाद में चौधर की लड़ाई बन गया। करीब 10 साल पहले पवन सरपंच बना। इसके बाद आनंद ने सरपंची हासिल करने के लिए सब कुछ झोंक दिया। इस बार उसकी पत्नी सरपंच बनी, मगर पवन ने उसके स्कूल सर्टिफिकेट पर आपत्ति जताई। पवन के चचेरे भाई राज कुमार ने आरटीआई से कॉपी लेने के बाद इसकी लोकायुक्त के समक्ष शिकायत की। जांच में सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए और पूर्व महिला सरपंच, सरपंच पति आनंद और दो शिक्षकों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। इसी मामले में आनंद व उसके परिजनों और कुछ साथियों ने आठ जुलाई 2017 को पूर्व सरपंच पवन के परिवार पर हमला कर दिया। इसमें पवन के पिता भल्लेराम और चचेरे भाई बलजीत की मौत हो गई। पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। चौधर की इस लड़ाई में जहां तीन लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं आनंद समेत उसके परिवार के सदस्य और करीब 23 रिश्तेदार जेल में हैं। अब उसका बेटा और भतीजा भी हत्या मामले में फंस गए हैं। आनंद के एक छोटा लड़का है, मगर वह मंदबुद्धि है। वहीं पवन के भी नाबालिग दो बच्चों से पिता का साया उठ चुका है।
पूर्व सरपंच पवन की हत्या पुरानी रंजिश में पूर्व महिला सरपंच के पति आनंद बबलू ने करवाई थी। आनंद के बेटे अंकित और भतीजे सचिन ने उसकी हत्या की। दोनों से हत्याकांड में प्रयोग किए गए दो पिस्तौल और बाइक बरामद कर ली है। आरोपियों को वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस केस के लिए एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें बवानीखेड़ा थाना पुलिस, सीआईए और साइबर सेल की टीम शामिल थी।
-विरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर।