गांव डांडमा निवासी और दिल्ली हवाई हादसे में शहीद बीएसएफ के इंस्पेक्टर एसएन शर्मा की बुधवार देर शाम गमगीन माहौल में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। मुखाग्नि उनके बड़े बेटे हिमांशु ने दी। बुधवार दोपहर बाद बीएसएफ के विशेष वाहन से दिल्ली से उनके पार्थिव शरीर को गांव में लाया गया। यहां उनके पैतृक आवास पर लोगों के दर्शनों के लिए रखा गया।
देर शाम हजारों लोगों के गगनभेदी नारों के बीच जवान की मंदिर के समक्ष स्थित भूमि पर अंत्येष्टि की गई। बीएसएफ के डिप्टी कमांडेट वीके यादव के नेतृत्व में बीएएफ की टुकड़ी ने छह राउंड गोलियां दाग पूरे सैनिक सम्मान के साथ शहीद को विदाई दी। भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह, भाजपा विधायक सुखविंद्र सिंह मांढी, एसडीएम बिजेंद्र सिंह हुड्डा, डीएसपी राजीव देशवाल, बीएसएफ के डिप्टी कमांडेट वीके यादव और दीपेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन की तरफ से पुष्प चक्र अर्पित किए। शहीद एसएन शर्मा अपने पीछे चार भाई, पत्नी सुमन, बेटा हिमांशु और बेटी मोहित समेत भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं।
युवा इंजीनियर गुरुजी कहते थे
वायुसेना में 20 वर्ष की सेवा के बाद वर्ष 2007 में भारतीय सीमा सुरक्षा बल में बतौर इलेक्ट्रिक इंजीनियर विंग में इंस्पेक्टर सत्यनारायण शर्मा लड़ाकू विमान के एक्सपर्ट माने जाते थे। इसलिए युवा इंजीनियर उन्हें गुरुजी कहते थे। बीएसएफ के किसी भी हलके या लड़ाकू हेलीकाप्टर में आने वाली बड़ी से बड़ी तकनीकी खराबी को वे फटाफट दूर करने में माहिर थे।
30 लाख की लागत से बनेंगे स्मारक
सांसद और संसदीय सुरक्षा समिति सदस्य धर्मबीर सिंह, भाजपा विधायक सुखविंद्र सिंह मांढी ने कहा कि देश की सेवा करते हुए प्राणों की शहादत देने का बिरले ही लोगों को अवसर मिलता है। बीएसएफ इंस्पेक्टर एसएन शर्मा ने राष्ट्रसेवा पर शहादत देकर देश की मिट्टी को गौरवान्वित किया है। सत्यनारायण शर्मा, बारवास के राजेश और महेंद्रगढ़ जिले के छोटेलाल की स्मृति में उनके पैतृक गांवों में भव्य स्मारकों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए संसदीय कोष से 10-10 लाख की राशि आवंटित की जाएगी।