लोहारू। भारतीय सेना के सिग्नल कौर के जवान गांव सोहांसड़ा निवासी बलजिंद्र सिंह नागर का बीमारी के कारण निधन हो गया। शनिवार सुबह तिरंगे में लिपट जब हवलदार बलजिंदर सिंह का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव सोहांसरा पहुंचा तो गगनभेदी देशभक्ति के नारों से आसमान गूंज उठा।
सेना की टुकड़ी और प्रशासन की ओर से पूरे राजकीय सम्मान के साथ सैनिक को अंतिम विदाई दी गई। दरअसल हवलदार बलजिंदर सिंह पीलिया से पीड़ित थे और पुणे के आर्मी अस्पताल में उपचाराधीन थे। गांव सोहांसड़ा के बलजिंदर सिंह 17 साल की आयु में वर्ष 2004 में सेना में भर्ती हुए थे। सेना में जाने का जज्बा बलजिंदर सिंह को उनके पिता से मिला। उनके पिता सूबेदार सूरजभान भी भारतीय सेना में सूबेदार के पद से वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त हुए थे। यहीं नहीं सूबेदार सूरजभान का छोटा बेटा सतीश नागर सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। शुक्रवार को अस्पताल में सैनिक बलजिंदर सिंह ने अंतिम सांस ली। इसकी सूचना मिलते ही सोहांसड़ा गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
12 वर्षीय बेटे दुपेश ने मुखाग्नि दी
सैनिक बलजिंदर सिंह के पार्थिव शरीर को उसके 12 वर्षीय बेटे दुपेश ने मुखाग्नि दी। सरपंच राजकुमार नागर ने बताया कि बलजिंद्र नागर के पिता सूरजभान भी भारतीय सेना में रहकर देश सेवा कर चुके हैं। वे वर्ष 2012 में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके अलावा सैनिक बलजिंदर सिंह के छोटे भाई सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वे अपने पीछे पिता, माता सिंदोखी देवी, पत्नी सोनू, पुत्र दुपेश के अलावा बेटी सिमरन को छोड़ गए हैं।
हथियार झुकाकर अंतिम विदाई दी
शनिवार को गांव सोहांसड़ा में हवलदार बलजिंदर सिंह नागर के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर और हथियार झुकाकर अंतिम विदाई दी। वहीं प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार संजय शर्मा ने पुष्पांजलि दी। इस दौरान सरपंच राजकुमार नागर, थाना प्रभारी मदन कुमार, पूर्व चेयरमैन राजबीर फरटिया, शेखावत, अनिल वशिष्ठ, राजसिंह गागड़वास, राजेश डांगी, बलवान सिंह, संतोष शर्मा, मिंटू डेला, विकास सोहांसरा, पहलवान जगदीश, मुकेश नागर सचिव, उमेद मिश्रा, मनीष शेखावत सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने उन्हें अंतिम विदाई।