भिवानी। अरावली पर्वत शृंखला के तोशाम पहाड़ी क्षेत्र के कई गांवों में अवैध खनन और डाडम में हजारों करोड़ के अवैज्ञानिक खनन के मामले अब जोर पकड़ रहे हैं। इन गंभीर परिस्थितियों में सामाजिक संगठनों ने पर्वत शृंखला के जख्मों पर मरहम लगाने के उद्देश्य से शनिवार सुबह 11 बजे तोशाम के चौधरी रघुबीर सिंह फार्म हाउस पर चिंतन बैठक बुलाई है। इस बैठक में पर्यावरण प्रेमी और अरावली बचाने के लिए काम कर रहे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी आगे की रणनीति तय करेंगे।
इस बीच कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य रणदीप सूरजेवाला ने डाडम में अवैध खनन से हरियाणा सरकार को 1200 करोड़ का नुकसान पहुंचाए जाने की खबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि हरियाणा में माइन माफिया के ''लूट तंत्र'' के कारण सरकारी पैसा खुलेआम लूटा जा रहा है और इसका नतीजा घायल होती अरावली व गायब होते पहाड़ हैं।
भिवानी जिले में अरावली का कुल क्षेत्रफल 558 हेक्टेयर है जिसमें तोशाम, भिवानी और लोहारू क्षेत्र के कई गांव शामिल हैं। जनवरी 2022 में बड़े स्तर पर अवैध और अवैज्ञानिक खनन के कारण हुए पहाड़ से पत्थर खिसकने के हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद मामला ध्यान में आया और प्रवर्तन निदेशालय ने इसकी जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अकेले डाडम पहाड़ में दो खनन कंपनियों ने मिलकर फर्जीवाड़ा किया और हरियाणा सरकार को 2017 से 2022 तक करीब 1200 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। इससे डाडम पहाड़ लगभग 500 मीटर गहराई तक धंस गया।
हरियाणा में अरावली क्षेत्र की पहाड़ियों का अंधाधुंध अवैध खनन पूरी हद पार कर चुका है। पहाड़ों में करीब 500 फीट गहरी तक खोदाई हो चुकी है। अब भी अरावली पर्वत शृंखला में खनन जारी है जो नियमों के विरुद्ध और पर्यावरण व जनहित के खिलाफ है। इसी कारण अरावली बचाने के लिए शनिवार को तोशाम के चौधरी रघुबीर सिंह फार्म हाउस पर जनसंगठनों की चिंतन बैठक बुलाई गई है। इसमें पर्यावरणविद और समाज के प्रबुद्ध लोग बैठकर रणनीति बनाएंगे और हर संभव संघर्ष के लिए तैयार रहेंगे। -कमल प्रधान, संरक्षक युवा कल्याण संगठन
केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की जांच में डाडम पहाड़ में अवैध खनन के कारण न केवल पर्यावरण को गंभीर चोट लगी बल्कि सरकारी खजाने को 1200 करोड़ रुपये की चपत भी लगी। ईडी की जांच अभी जारी है। विशेषज्ञों ने कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से अरावली को खत्म करने की साजिश भी अवैध खनन माफिया द्वारा की जा रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार और न्यायालय से ठोस कदम उठाने की मांग की। -राजेश पंघाल, प्रगतिशील किसान
तोशाम क्षेत्र के पहाड़ों में खतरनाक खनन का खामियाजा 2022 में भीषण हादसे में सामने आया था जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद न तो राजनेताओं ने कोई ठोस कदम उठाया और न अफसरशाही ने कार्रवाई की। अब भी पहाड़ों की नोंच-नोंचकर तबाही जारी है। अरावली पर्वत शृंखला से लाखों लोगों की रोजी-रोटी और पूरे पर्यावरण की संरचना व वन्य जीवों का अस्तित्व जुड़ा है। इसे बचाने के लिए सभी जन संगठन हर संभव संघर्ष के लिए तैयार हैं। -युद्धबीर, पूर्व अध्यक्ष, ब्लॉक पंचायत समिति
दादरी और भिवानी के तोशाम क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियों में खनन के कारण व्यापक तबाही हुई है। पिछले कई दशकों में कई पहाड़ अपना अस्तित्व ही खो चुके हैं लेकिन अब भी पहाड़ों को मिटाने का कुप्रयास जारी है। अवैध खनन से वन संपदा नष्ट हो रही है और अरावली में संरक्षण पाने वाले वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर शनिवार की पंचायत में जोरशोर से चर्चा की जाएगी। -मुकेश शर्मा, पर्यावरण प्रेमी