भिवानी। साहब... दो साल तै गाम म्है मनरेगा मजदूरी बंद सै, क्यूकर घरां का खर्चा चलावां... बिना पिस्सै खर्चा चलाना मुश्कल होरैया सै, किमे समाधान करवाओ। यह गुहार गांव धनाना द्वितीय की महिला मनरेगा मजदूरों ने सोमवार को लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में लगाई। उनकी फरियाद सुनते हुए जिला परिषद सीईओ अजय चौपड़ा ने जल्द से जल्द गांव में मनरेगा मजदूरी शुरू करवाने का आश्वासन दिया।
दरअसल समाधान शिविर की संवाद न्यूज एजेंसी द्वारा की गई लाइव रिपोर्टिंग के दौरान महिला मजदूरों ने अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में दो साल से मनरेगा के तहत दिहाड़ी मजदूरी बंद है। इस कारण उन्हें कोई अन्य काम भी नहीं मिल रहा। मजदूरी बंद होने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई महिलाएं छह माह से बच्चों की स्कूल फीस भी नहीं भर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो परिवारों की स्थिति और खराब हो जाएगी। जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा ने महिलाओं की समस्या सुनने के बाद संबंधित विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। शिविर में डीएसपी अनूप कुमार और टीएम भरत पाल भी मौजूद रहे।
सरपंच से लेकर बीडीपीओ तक लगाई गुहार फिर भी नहीं मिला समाधान
धनाना द्वितीय निवासी भतेरी, केलापति, पिंकी, सुनीता, उषा, संतोष, निर्मल, मरिया और प्रेमो सहित कई महिला मजदूरों ने बताया कि वे सरपंच से लेकर बीडीपीओ दफ्तर तक मनरेगा शुरू करवाने की गुहार लगा चुकी हैं। बीडीपीओ से मिलने के बाद गांव धनाना पंचायत-1 में कुछ महिलाओं को मनरेगा के तहत काम मिला था लेकिन कुछ समय बाद वहां से भी उन्हें हटा दिया गया। तब से वे लगातार रोजगार के इंतजार में हैं।
पूर्व पार्षद ने एचएसवीपी कार्यालय को पूरा करवाने की मांग की
समाधान शिविर में पूर्व पार्षद ईश्वर मान ने भी अपनी शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने सुरेंद्र सिंह पार्क के पास अधूरे पड़े हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) कार्यालय के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करवाने की मांग की।
गांव में मनरेगा दिहाड़ी बंद होने से आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। दो साल पहले बंद हुई मजदूरी के बाद से उन्हें काम नहीं मिला है। अब बगैर आमदनी के घर चलाना मुश्किल हो गया है। – पिंकी
गांव धनाना द्वितीय में काम बंद होने के बाद कुछ महिलाओं को प्रथम पंचायत में रोजगार मिला था लेकिन कुछ समय बाद वहां से भी हटा दिया गया। इसलिए गांव में मनरेगा दिहाड़ी जल्द शुरू की जाए। – प्रेमो
घर का खर्च मनरेगा मजदूरी से ही चलता था। काम बंद होने के बाद अब बच्चों की स्कूल फीस तक नहीं भर पा रही हूं। जिला प्रशासन से गुजारिश है कि मनरेगा कार्य जल्द शुरू करवाया जाए। – जिकोर, मनरेगा मजदूर
गांव में दो साल से मनरेगा दिहाड़ी बंद है। रोजगार बंद होने से घर का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन से मांग है कि जल्द मजदूरी शुरू करवाई जाए। – संतोष
डीआरडीए हॉल में आयोजित समाधान शिविर में नागरिकों की समस्याएं सुनते जिला परिषद सीईओ अजय चोपड़ा।