भिवानी। रेलवे रोड स्थित बाल सेवा आश्रम के एक बच्चे ने बुधवार को कागज पर शिकायत लिखकर छोटी सी गलती पर बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया। शिकायत पर आश्रम के अन्य बच्चों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। मामला बाल कल्याण समिति के संज्ञान में आने के बाद अध्यक्ष ने सोमवार को सभी बच्चों की काउंसिलिंग कराने का आश्वासन दिया है।
वहीं आश्रम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने बच्चे को डांटने की बात स्वीकार की लेकिन मारपीट से इन्कार किया है। बच्चे ने आश्रम में खाद्य पदार्थ वितरित करने आए एक व्यक्ति को स्कूल की कॉपी के पन्ने पर लिखी शिकायत सौंपी। इसमें उसने बताया कि 18 अक्तूबर, रविवार को आश्रम में रहने वाली एक लड़की से उसकी कहासुनी हुई थी। बच्चे के अनुसार इस बात को गलतफहमी में बदल दिया गया और आश्रम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। उसने लिखा कि उसने कोई अभद्रता नहीं की और वह लड़की को बहन मानता है। शिकायत को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पहुंचाकर मामला उठाया गया।
पहले भी दी थीं शिकायतें, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
बच्चे ने शिकायत सौंपने से पहले बताया कि आश्रम में चल रही गतिविधियों और बच्चों को प्रताड़ित किए जाने के संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि बाल कल्याण समिति ने बच्चों की ओर से पहले कोई शिकायत मिलने से इन्कार किया है। आश्रम में बच्चों की शिकायतों के लिए पेटिका भी लगी हुई है लेकिन इसमें आई शिकायतों पर कितनी कार्रवाई हुई इसका ब्योरा स्पष्ट नहीं है।
आश्रम में रह रहे हैं 10 बच्चे
आश्रम में फिलहाल लड़के और छह लड़कियां रह रहे हैं। सभी नाबालिग हैं और आश्रम में रहकर पढ़ाई करते हैं।बाल सेवा आश्रम करीब 16 एकड़ भूमि में फैला है। इसमें लगभग आठ एकड़ क्षेत्र में बच्चों के आवास, शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए विभिन्न भवन बने हुए हैं। परिसर में शिक्षा, आवास, भोजन की व्यवस्था के साथ यज्ञशाला, गोशाला और प्राथमिक विद्यालय भी है। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए गए हैं।
दो साल से समिति का नवीनीकरण नहीं, बच्चों को शिफ्ट करने का पत्र
बाल कल्याण समिति के अनुसार आश्रम प्रबंधन ने फरवरी 2024 के बाद समिति के नवीनीकरण की प्रक्रिया नहीं अपनाई। आश्रम में बेसहारा बच्चों को रखने के लिए नवीनीकरण नहीं कराया गया और बच्चों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के अनुरोध का पत्र भी भेजा गया। इसके बाद मुख्यालय की ओर से भी बाल कल्याण समिति पर आश्रम में रह रहे बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का दबाव बना है।
बच्चे की हरकत माफी के काबिल नहीं, मारपीट नहीं की
आश्रम में रविवार को एक बच्चे ने लड़की के साथ अभद्रता यानी अश्लील हरकत की थी। इस पर उसे डांटा गया था उसके साथ कोई मारपीट नहीं की गई। बच्चे की उद्दंडता क्षमा के काबिल नहीं है, इसलिए उसे दूसरी जगह शिफ्ट करने का अनुरोध बाल कल्याण समिति से किया गया है। आश्रम में बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल दिया जा रहा है और कई छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल कर रही हैं। वर्ष 2017 में आचार्य देवव्रत के राज्यपाल रहते कन्या गुरुकुल का संकल्प लिया गया था जिसके तहत उन लड़कियों को निशुल्क शिक्षा और आवास देने की योजना है जिनके माता-पिता खर्च नहीं उठा सकते। इसी उद्देश्य से समिति का नवीनीकरण नहीं कराया गया। - वेदप्रिय आर्य, अध्यक्ष, बाल सेवा आश्रम प्रबंधन समिति, भिवानी
सभी बच्चों की काउंसिलिंग कराई जाएगी
मामला समिति के संज्ञान में आया है। सोमवार को आश्रम में रहने वाले सभी बच्चों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। इसके बाद बाल कल्याण समिति आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। आश्रम प्रबंधन समिति ने फरवरी 2024 के बाद से नवीनीकरण नहीं कराया है। बच्चों को दूसरी जगह भेजने के संबंध में पत्र भी मिला है। बाल कल्याण समिति बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। - एडवोकेट प्रदीप सिंह, अध्यक्ष, जिला बाल कल्याण समिति, भिवानी
बच्चों से कथित दुर्व्यवहार का मामला गंभीर : सुशील वर्मा
बाल सेवा आश्रम भिवानी में कुछ बच्चों के साथ आश्रम प्रबंधन के पदाधिकारियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने की जानकारी मिली है। बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर मामले का तत्काल संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। शिकायत की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए। आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। - सुशील वर्मा, पूर्व सदस्य, बाल अधिकार संरक्षण आयोग