भिवानी। दुकानदारों के विरोध के बीच नगर परिषद अधिकारियों ने मंगलवार सुबह कृष्णा कॉलोनी सब्जी मंडी में फड़ की जगह को सील कर दिया। फड़ की जगह 126 फीट और 50 फीट के चारों ओर तारबंदी करवा दी गई। दबी जुबान में कुछ दुकानदारों ने विरोध किया। मगर किसी की एक नहीं चली। अब दुकानदारों से सिक्योरिटी राशि लेकर जगह अलॉट की जाएगी।
कृष्णा कॉलोनी सब्जीमंडी में फड़ की जगह को लेकर दुकानदारों में पिछले सालभर से विवाद चल रहा है। इस विवाद के बीच सोमवार को जिला प्रशासन ने नप अधिकारियों को कृष्णा कॉलोनी सब्जीमंडी में फड़ की जगह को सील करने के निर्देश दिए। मंगलवार सुबह नगर परिषद सचिव संजय यादव के नेतृत्व में नगर परिषद के कर्मचारी कृष्णा कॉलोनी सब्जी मंडी पहुंचे। सोमवार को हुए निर्देशों के बाद अधिकतर दुकानदारों ने फड़ की जगह में दुकानें नहीं लगाई थी। कुछ ने वैसे रेहड़ियां लगाई थी। नप अधिकारियों को देख उन्होंने भी रेहड़ियां हटा ली। इसके बाद करीब एक हजार फीट कांटेदार तार से फड़ की सारी जगह के चारों ओर तारबंदी कर दी गई। तारबंदी के बीच कुछ दुकानदारों ने विरोध भी किया और नगर परिषद सचिव से आपस में सभी दुकानदारों की मीटिंग कर विवाद निपटाने की बात भी रखी। मगर नप सचिव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें जगह सील करने के निर्देश दिए है। इसके आगे क्या करना है इसके बारे में कोई सूचना नहीं दी है। निर्देश के बाद वह जगह को सील कर रहे है। जिसके बाद सारी जगह को तारबंदी कर सील कर दिया गया।
70 दुकानदारों के समक्ष बनी समस्या, आमजन भी परेशान
फड़ की जगह सील होने से करीब 70 दुकानदारों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है। सड़क किनारे वैसे ही दुकानें लगाने के लिए जगह नहीं है और अब ये दुकानदार कहां जाए, कुछ समझ नहीं आ रहा है। हालांकि अधिकतर दुकानदारों ने कृष्णा कॉलोनी चौक के आसपास की गलियों, सड़क किनारे ही अपनी दुकानें सजाई। फड़ की बजाए गलियों में दुकानें होने के कारण आमजन को भी परेशानी हुई। हर रोज हजारों लोग यहां मंडी में सब्जियां खरीदने आते है। पहले एक ही जगह फड़ पर सभी दुकानें लगती थी तो ज्यादा घूमना नहीं पड़ता था। अब सब्जियों की खरीददारी के लिए गलियों में भी घूमना पड़ा।
अब महंगी पड़ेगी दुकानदारी
विवाद के बाद अब फड़ की जगह का सील होना दुकानदारों को महंगा पड़ेगा। दरअसल अब दुकानदारों से सिक्योरिटी राशि जमा करवाई जाएगी जो कि 30 से 50 हजार हो सकती है। इसके अलावा मासिक फीस भी निर्धारित की जाएगी। यह अभी तय नहीं हुआ है कि ड्रा सिस्टम के माध्यम से दुकानदारों में जगह अलॉट की जाएगी या फिर खुली बोली के। अब तक पिछले करीब 25 साल से दुकानदार बिना कोई फीस दिए फड़ की जगह में दुकानें लगा रहे थे।
कब्जा कर वसूल रहे थे किराया
फड़ की जगह पर मुख्य विवाद कब्जे को लेकर था। कुछ दुकानदारों ने जगह पर कब्जा कर रखा था और अन्य दुकानदारों की दुकानें जगह में लगवाकर किराया वसूला जाता था। कोई पांच हजार रुपये मासिक का किराया लेता था तो कोई दो से चार सौ रुपये दैनिक।
अब तक लोग यहां बिना किसी तरह की फीस या किराया दिए दुकानें लगा रहे थे। नप का निर्णय सही है। इससे दुकानदारों का आपसी विवाद निपटेगा और भाईचारा बनेगा। नप जो फैसला करेगा वह मान्य होगा।
सुरेश कुमार
फोटो 07
----------
कुछ दुकानदारों के आपसी विवाद का खामियाजा सभी दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले 25 साल से दुकानदार बिना किसी विवाद के दुकानदारी कर रहे थे, अब ऐसी क्या समस्या हो गई। अब सभी पर भारी फीस का भार पड़ेगा।
सुरेश
वर्जन:::
कृष्णा कॉलोनी सब्जीमंडी में फड़ की जगह को जिला प्रशासन के निर्देश के बाद सील किया गया है। तारबंदी की गई है। उपायुक्त के आने के बाद उनसे विचार विमर्श कर सिक्योरिटी राशि व अन्य शुल्क तय किए जाएंगे। उसके बाद ही दुकानें अलॉट की जाएंगी।
संजय यादव, सचिव, नगर परिषद
वर्जन:::
हम चाहते थे कि दुकानदारों को एक और मौका मिले। मगर दुकानदारों का आपसी विवाद ही खत्म नहीं हुआ। कोई बड़ी रेहड़ी लगाकर तो कोई किराया वसूल कर छोटे दुकानदारों का शोषण कर रहा था। नप जैसे अलॉट करेगी, वैसे मंजूर होगा।
रामनिवास शर्मा, प्रधान, रेहड़ी एवं फुटपाथ दुकानदार एसोसिएशन