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दो नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ दवा दुकानदार गिरफ्तार

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भिवानी। शहर के रोहतक गेट स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में एक कोरोना संक्रमित महिला के परिजनों को दो नकली इंजेक्शन 70 हजार रुपये में दिए गए। शक होने पर जांच की तो इंजेक्शन नकली मिले। परिजनों ने लौटाने की कोशिश की मगर दुकानदार ने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस की मदद ली। सीआईए पुलिस के अलावा ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने शुक्रवार को अस्पताल में छापा मारा। दवा दुकानदार इंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। देर रात तक पुलिस कार्रवाई चल रही थी।
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मामला 29 अप्रैल से शुरू हुआ। शहर के बिचला बाजार क्षेत्र के दुकानदार की माता की तबीयत अचानक खराब हुई। जिनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्हें उपचार के लिए रोहतक गेट स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां महिला 29, 30 अप्रैल और एक मई को दाखिल रही। यहां चिकित्सक ने जांच के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने की बात कही। इस पर परिजनों ने अस्पताल में ही मेडिकल शॉप चलाने वाले दुकानदार से संपर्क साधा। दुकानदार ने बताया कि वह कहीं से व्यवस्था करवा सकता है। जिसके बाद एक सेल्समैन ने 70 हजार रुपये में इंजेक्शन मुहैया करवाए। सोशल मीडिया पर वायरल होती नकली इंजेक्शन की सूचनाओं के चलते महिला के परिजनों ने इंजेक्शन असली है या नकली ये जानने के लिए अपने कुछ परिचितों के पास फोन किए और फोटो भेजे। एक परिचित ने कुछ दवा दुकानदारों से संपर्क साधकर बताया ये तो नकली लग रहे हैं। जिस पर परिजन दवा दुकानदार के पास गए और इंजेक्शन वापस करने की बात कही तो दुकानदार ने इनकार कर दिया। इसी दौरान परिजनों ने मरीज की तबीयत ज्यादा खराब होने पर अस्पताल से छुट्टी दिला घर पर ही इलाज शुरू करवा दिया। महिला मरीज की पांच मई को उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन दोबारा इंजेक्शन वापस करने पहुंचे मगर दुकानदार ने लेने से इनकार कर दिया। इसको लेकर मरीज के परिजनों ने सीआईए द्वितीय इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान से संपर्क साधा। जिसके बाद शुक्रवार शाम सीआईए द्वितीय व औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोवर की टीम ने अस्पताल में छापा मारा।
वर्जन-
दो नकली इंजेक्शन मिले हैं। अभी जांच की जा रही है। दवा दुकानदार इंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जिसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। ऑक्सीजन और दवाइयों की कोई भी कालाबाजारी करता है तो इसकी सूचना हमें दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। कालाबाजारी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव, इंचार्ज सीआईए द्वितीय
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