मामले की जानकारी देते डीएसपी वीरेन्द्र सिंह, सदर थाना प्रभारी श्रीभगवान यादव और गिरफ्त में आरोप?
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भिवानी। ढाणा लाडनपुर में युवती पर गोली चलाने के मामले का खुलासा हो गया है। परिवार के सदस्य ही आरोपी निकले। युवती के चरित्र पर शक करने वाले उसके भाई ने ही थप्पड़ से आहत होकर ममेरे भाई के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। भागने के दौरान दीवार से गिरने पर युवक के पांव में भी फ्रेक्चर हो गया। वह फिलहाल पीजीआई रोहतक में उपचाराधीन है। पुलिस ने आरोपी ममेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा भी बरामद कर लिया है।
गौर हो कि 29 जून को ढाणा लाडनपुर गांव में करीब 22 वर्षीय युवती को देर रात करीब साढ़े तीन बजे संदिग्ध हालात में गोली मार दी गई थी। पीजीआई रोहतक में उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने गांव के सरपंच अजीत की शिकायत पर अज्ञात पर हत्या प्रयास का केस दर्ज किया था।
थाना प्रभारी श्रीभगवान यादव ने शक के आधार पर युवती के ममेरे भाई रोहतक की फतेहपुर कॉलोनी वासी करीब 20 वर्षीय राकेश राकू से गहनता से पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया। राकू ने बताया कि उसने युवती के भाई दिलराज के कहने पर ही युवती पर देस कट्टा से गोली चलाई। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। केस को सुलझाने में एसएचओ श्रीभगवान यादव और उनकी टीम राकेश पिलानिया, सज्जन सिंह आदि की अहम भूमिका रही।
डेढ़ माह से चल रही थी वारदात की साजिश
आरोपी दिलराज बहन पर शक करता था। इस कारण दोनों का कई बार झगड़ा भी हुआ। करीब डेढ़ माह पूर्व इसी विवाद में युवती ने अपने बड़े भाई दिलराज को थप्पड़ भी मार दिया था। तभी से आरोपी बहन को मारने की फिराक में था। पुलिस ने अनुसार इसके लिए उसने अपने ममेरे भाई राकेश से संपर्क साधा। राकेश का एक दोस्त रोहतक वासी देसी कट्टे सप्लाई का काम करता है, जो फिलहाल जेल में है। राकेश अपने दोस्त से पांच हजार रुपये में देसी कट्टा लेकर आया। दोनों 29 जून की रात करीब तीन बजे दिलराज के घर की पिछली गली से आए और सीढ़ियों के साथ लगती छोटी दीवार से छत पर चढ़े। यहां आरोपियों ने जूते और सैंडिल उतारे। इसके बाद दिलराज नीचे देखने आया कि उसकी बहन सो रही है या नहीं। बाद में राकेश राकू ने आकर सोई बहन पर गोली चलाई। गोली कंधे के नीचे बगल में लगी। गोली चलाने के बाद दोनों दीवार फांदकर भाग गए। कूदने के दौरान दिलराज का पांव फ्रेक्चर हो गया। उसे राकेश ने पीजीआई में दाखिल करवाया था।
युवती को गोली मारने के मामले में एसएचओ श्रीभगवान यादव और उनकी टीम ने मेहनत की, क्योंकि इसमें न तो युवती कुछ बता पा रही थी और न ही परिवार के सदस्य। टीम ने चौबारे पर मिले जूते-सैंडिल, गली में बाइक के पहियों के निशान, कॉल लोकेशन आदि की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंचे। अभी राकेश को गिरफ्तार किया है और उसके पास से देसी कट्टा बरामद कर लिया है। दिलराज का पीजीआई में पांव में आए फ्रेक्चर का ऑपरेशन होना है। - वीरेंद्र सिंह, डीएसपी