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हरियाणा 12वीं कक्षा के परिणामों में चौंकाने वाला खुलासा: 18 स्कूलों का रिजल्ट जीरो, निदेशालय को भेजी गई लिस्ट

Thu, 15 May 2025 01:22 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

हरियाणा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. पवन कुमार ने कहा कि जीरो रिजल्ट और कम पास प्रतिशत वाले स्कूलों का प्रदर्शन चिंताजनक है। हम शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे।
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हरियाणा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. पवन कुमार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के 2025 के परिणामों में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बोर्ड ने पाया कि प्रदेश के 18 स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहा, यानी इन स्कूलों का एक भी छात्र परीक्षा में पास नहीं हो सका। इसके साथ ही, 100 ऐसे स्कूलों की सूची तैयार की गई है, जिनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। इन स्कूलों की लिस्ट को शिक्षा निदेशालय को भेज दिया गया है, और अब इन स्कूलों के शिक्षकों और प्रबंधन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी बारहवीं कक्षा का परिणाम 85.66 प्रतिशत रहा है। बोर्ड के बारहवीं कक्षा के नतीजों पर विस्तृत नजर डालें तो कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनका परीक्षा परिणाम शून्य है, जबकि कई स्कूल ऐसे भी हैं जो 35 प्रतिशत का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए हैं। बोर्ड ने ऐसे 100 सरकारी स्कूलों की सूची शिक्षा निदेशालय को भेज दी है।

जबकि 18 सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य दर्ज किया गया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ पवन शर्मा ने बताया कि शिक्षा बोर्ड की ओर से निदेशालय को भेजी गई सूची में प्रदेश के 18 स्कूल ऐसे हैं, जिनका रिजल्ट शून्य रहा है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या भी ज्यादा नहीं है, सिर्फ एक या दो विद्यार्थी ही हैं। एक स्कूल ऐसा है, जिसमें 13 विद्यार्थी हैं और इनमें से कोई भी पास नहीं हुआ है। 
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परीक्षा परिणामों में पिछड़े स्कूलों के लिए कराए जाएं ओरिएंटेशन कार्यक्रम
बोर्ड अध्यक्ष डॉ पवन शर्मा ने बताया कि बोर्ड की ओर से भेजी गई सूची में ऐसे स्कूलों का चयन किया गया है, जिनका रिजल्ट 35 प्रतिशत भी नहीं आया है। प्रदेश में करीब 100 ऐसे स्कूल हैं, जिनका रिजल्ट 35 प्रतिशत भी नहीं पहुंचा है। ऐसे स्कूलों की सूची शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। बेहद कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम कराएं आएं। ऐसे स्कूलों में छात्रों और उनके अभिभावकों से भी बात कर कम परीक्षा परिणाम आने के कारणों का पता लगाना चाहिए। ताकि उसके सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। 

बोर्ड की सख्ती और सुधार के प्रयास
हरियाणा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. पवन कुमार ने कहा कि जीरो रिजल्ट और कम पास प्रतिशत वाले स्कूलों का प्रदर्शन चिंताजनक है। हम शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे। इन स्कूलों की जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बोर्ड ने पहले ही परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे कि केवल सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को परीक्षा ड्यूटी पर लगाने और सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी की व्यवस्था करने का प्रस्ताव।
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पिछले सालों का रिकॉर्ड और तुलना
पिछले साल (2024) में भी हरियाणा बोर्ड का 12वीं का पास प्रतिशत 85.31% था, जो इस साल के मुकाबले थोड़ा कम था। हालांकि, इस बार कुछ स्कूलों का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया है। खासकर नूंह जिले का पास प्रतिशत सबसे कम रहा, जबकि जींद जिले ने टॉप किया।

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