बवानीखेड़ा। प्रकृति से प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करते हुए गांव अलखपुरा निवासी शारदा जाखड़ ने अपना पूरा जीवन पेड़-पौधों की देखभाल और हरियाली बढ़ाने के लिए समर्पित कर दिया है। शारदा देवी के इस योगदान को देखते हुए कई सामाजिक संगठनों और प्रशासन ने उन्हें सम्मानित भी किया है।
उनकी प्रेरणा से करीब 60 युवा और महिलाएं भी इस अभियान से जुड़कर पेड़-पौधों की देखभाल कर रहे हैं। वहीं शारदा 10 साल में 800 से ज्यादा पौधे लगा चुकी है। 60 वर्षीय शारदा जाखड़ ने बताया कि उनका जन्म जिला फतेहाबाद के गांव बिढ़ई खेड़ा में एक किसान परिवार में हुआ था।
बचपन की यादें ताजा करते हुए उन्होंने बताया कि एक बार उनके घर के सामने एक पेड़ गिर गया था। उस पेड़ को फिर से खड़ा करने के लिए उसके भाई ने सहारा दिया। इसके कुछ दिनों के बाद ही वह पेड़ हरा-भरा हो गया। इससे प्रेरणा लेकर उन्होंने अपना जीवन पेड़-पौधों की सेवा में समर्पित करने की ठान ली।
पांच एकड़ बंजर भूमि से की पौधरोपण की शुरुआत शारदा ने बताया कि शादी के बाद उन्होंने पेड़-पौधे लगाने की शुरुआत गांव में छाजू राम के कुएं के पास लगभग पांच एकड़ बंजर भूमि से की। उसमें उन्होंने लगभग 500 पौधे लगाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करनी शुरू की। इसके बाद उन्होंने गांव के खेल के मैदान में 200 की संख्या में अलग-अलग प्रकार के पौधे लगाए। संवाद
2018 में बनाया संगठन
शारदा जाखड़ ने बताया कि उसने निकटवर्ती गांव सिवाना में भी रविदास मंदिर में 50 पौधे लगाए। 5 जून 2018 में पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक महिला जागृति संगठन बनाया। इसमें गांव की 50 से अधिक महिलाएं शामिल की गईं। इसके बलबूते पर अनेकों स्थानों पर पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पेड़-पौधे लगाए गए।
सीएम सैनी के हाथों भी मिल चुका सम्मान
शारदा देवी के इस योगदान को देखते हुए 15 अगस्त 2018 को जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें सम्मानित किया गया। पर्यावरण प्रेमी शारदा जाखड़ को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है। वहीं शारदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हाथों भी सम्मानित हो चुकी हैं।