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सेक्टर 13 में पानी निकासी के 89 प्वाइंट ठप, परेशानी

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डिस्पोजल में पड़ी गंदगी। - फोटो : Bhiwani
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सेक्टर 13 में बारिश के पानी के निकासी के लिए 89 प्वांट बनाए गए पर उनका अतिक्रमण हो गया। किसी ने जल निकासी के लिए नगर परिषद दो विभागों में तालमेल की कमी, सेक्टर वासियों पर भारी पड़ रही है। सेक्टर 13 की सड़कों से बारिश के पानी की निकासी के सभी 86 प्वाइंटों ठप पड़े हैं, फिर भी नगर परिषद लाखों की लागत से नई सड़क का निर्माण करा रहा है। ऐसे में सड़कें कितने दिन चलेंगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। दशकों पहले आबाद हुए सेक्टर में हुडा विभाग ने बारिश के पानी निकासी की अलग से लाइन भी डाली हुई हैं, मगर इस लाइन पर अब सेक्टर के लोगों ने अवैध रूप से चबूतरे और रैंप बना रखे हैं। जिससे डिस्पोजल के सभी 86 प्वाइंटों का अस्तित्व ही मिट चुका है।
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शहर की पॉश कॉलोनी सेक्टर 13 व 23 में 25 हजार लोगों की आबादी वास करती है। सेक्टर के अंदर की मुख्य सड़कों से बारिश के पानी की निकासी के लिए सेक्टर के अंदर 86 प्वाइंट भी बनाए हुए हैं, मगर इस समय एक प्वाइंट भी वर्किंग हालत में नहीं है। क्योंकि अधिकांश पर चबूतरे व रैंप बन चुके हैं जबकि कई तो दशकों से क्षतिग्रस्त होकर ठप पड़े हैं। सेक्टर के अंदर सीवरेज सिस्टम भी ठप पड़ा है। इसकी वजह भी कई जगह से मुख्य लाइन डेमेज होना माना जा रहा है। हालांकि बारिश के दिनों में सेक्टर से पंप सेट लगाकर सीवरेज के गंदे पानी की निकासी का अधिकारी प्रबंध करते आ रहे हैं। मगर ये वैकल्पिक व्यवस्था भी सड़कों की दुश्मन बनी हुई हैं, क्योंकि बारिश व सीवरेज के पानी की समुचित निकासी के प्रबंध नहीं होने की वजह से इसका खामियाजा सेक्टर की सड़कों को ही भुगतना पड़ता है।
डेढ़ करोड़ से हो रहा सेक्टर 13 की मुख्य सड़कों का निर्माण
सेक्टर में करीबन डेढ़ करोड़ रुपये के बजट से सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। सेक्टर 13 के पीर बाबा मंदिर से लेकर राजकीय पॉलीटेक्रिक कॉलेज के चारों तरफ की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। करीबन ढाई किलोमीटर की इस सड़क पर करीबन 90 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इसी तरह सेक्टर 13 से तिगड़ाना गांव की तरफ जाने वाले डिस्पोजल तक करीबन एक किलोमीटर लंबी सड़क भी बनाई जाएगी। जिस पर करीबन 60 लाख रुपये की लागत का प्रावधान किया है। इन दोनों ही सड़कों का निर्माण शुरू हो चुका है। जबकि इन इलाकों से बारिश और सीवरेज के पानी की निकासी के कोई भी प्रबंध नहीं हैं, बारिश हुई तो इन सड़कों के अस्तित्व पर ही संकट आ जाएगा।
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सड़क निर्माण ठेकेदार अरविंद ने बताया कि सेक्टर 13 में सड़क निर्माण का काम अलॉट हो चुका है। जिसके बाद उनकी एजेंसी ने तारीोल की सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया है। सड़क के दोनों तरफ बारिश के पानी की निकासी के उचित इंतजाम नहीं हैं, इस संबंध में उन्होंने उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। उनका काम सड़क की गुणवत्ता का ध्यान रखता है। अगर पानी की निकासी नहीं हुई तो सड़क पर भी बुरा असर पड़ेगा।
नगर परिषद भिवानी के चेयरमैन रणसिंह यादव ने बताया कि सेक्टर के अंदर नगर परिषद द्वारा नई सड़कें बनवाई जा रही हैं, मगर बारिश के पानी की निकासी के सभी 86 प्वाइंटों पर सेक्टरवासियों ने अवैध रूप से चबूतरे बना रखे हैं। सेक्टर के विकसित किए जाने के साथ ही बारिश के पानी की निकासी के लिए अलग से लाइन डाली जा चुकी हैं, अब नगर परिषद नई लाइन नहीं डाल सकता, क्योंकि पहली लाइन को ही चालू तब कराया जा सकता है जब सेक्टर से अवैध कब्जे हटें।
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