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Bhiwani: खानक पहाड़ पर सिक्योरिटी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, शुरू हुआ पत्थर ढुलाई का काम

Thu, 27 Apr 2023 02:38 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

भिवानी के खानक पहाड़ में खनन कार्य करने वाली एचएसआईआईडीसी कंपनी ने सिक्योरिटी का ठेका प्लाटून सिक्योरिटी कंपनी को दिया हुआ है। ये सिक्योरिटी कर्मचारी पहाड़ के हर रास्ते पर तैनात हैं और पहाड़ परिसर की भी सुरक्षा कर अवैध खनन पर भी निगरानी रखते हैं।
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खानक पहाड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भिवानी के तोशाम खनन नगरी खानक में गुरुवार को सिक्योरिटी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई। जिसके बाद पहाड़ में पत्थर ढुलाई का काम शुरू हुआ। कंपनी के आश्वासन पर कर्मचारियों ने नाके पर मोर्चा संभाला, जिसके बाद पत्थर ढुलाई के वाहनों के गेट पास काटे गए। क्रॅशरों पर भी कच्चा माल पहुंचा। 

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वेतन भुतान नहीं होने से की थी सिक्योरिटी कर्मचारियों ने हड़ताल
खानक पहाड़ में खनन कार्य करने वाली एचएसआईआईडीसी कंपनी ने सिक्योरिटी का ठेका प्लाटून सिक्योरिटी कंपनी को दिया हुआ है। ये सिक्योरिटी कर्मचारी पहाड़ के हर रास्ते पर तैनात हैं और पहाड़ परिसर की भी सुरक्षा कर अवैध खनन पर भी निगरानी रखते हैं। सिक्योरिटी कर्मचारियों ने कुछ माह से वेतन भुगतान नहीं होने की वजह से काम बंद कर दिया। जिसकी वजह से बुधवार को पूरा दिन कोई भी गाड़ी पथर ढुलाई नहीं कर पाई।

कंपनी के आश्वासन पर माने कर्मचारी 
पत्थर ढुलाई नहीं होने के कारण खनन कंपनी का उत्पादन नहीं हो पाया, जिसकी वजह से सरकार को भी लाखों रुपयों के राजस्व का नुकसान हुआ वहीं क्रॅशरों पर भी पत्थर यानी कच्चे माल की आपूर्ति नहीं हो पाई। जिसकी वजह से भी क्रॅशर मालिकों को ऑर्डर की आपूर्ति करने में दिक्कतें आई। वहीं ढुलाई काम में लगी करीब साढ़े तीन से चार हजार गाड़ियों के मालिकों और चालकों का काम भी ठप रहा।
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क्रॅशरों तक भी पहुंचा कच्चा माल
सिक्योरिटी कर्मचारियों ने अपना काम शुरू किया तो पहाड़ से पत्थर ढुलाई के लिए वाहनों की भी लंबी कतारें लगी। गेट पास देकर गाडिय़ों को अंदर भेजा वहीं वापस बाहर जाने के रास्ते पर भी सिक्योरिटी कर्मचारियों ने चेकिंग की। क्रॅशर संचालक अनिल जैन ने बताया कि ढुलाई का काम शुरू होन से इलाके के करीब 200 क्रॅशर मालिकों को राहत मिली है। रोजाना ही पहाड़ से करीब 60 हजार टन पथर क्रॅशरों व अन्य साइट तक पहुंचता है। वहीं काम पर लौटने से खनन कार्य करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।

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