भिवानी। अब जिले के 16 महाग्राम में पेयजल और सीवरेज समस्याओं पर विराम लग जाएगा। इन गांवों में खुद का सीवरेज सिस्टम बनेगा। वहीं पूरे गांव में नई पेयजल लाइन भी डाली जाएगी। गांव की पंचायती भूमि पर सीवरेज और वाटर ट्रीटमेंट के लिए दो अलग-अलग प्लांट भी बनाए जाएंगे। वहीं गंदे पानी का इस्तेमाल भी गांव की खेती और हरियाली में इस्तेमाल होगा।
अब तक गांव बापोड़ा, चांग, दिनोद, खरककलां, कलिंगा, तोशाम की ग्राम पंचायतों ने सीवरेज व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए पंचायती भूमि देने की अनुमति दे दी है। वहीं अन्य गांवों में अभी विभाग पंचायती भूमि की संभावनाओं को तलाश रहा है। करीब छह माह में महाग्रामों में सीवरेज और पेयजल लाइन डालने का काम भी शुरू हो जाएगा।
भिवानी जिले के 16 गांवों को महाग्राम योजना में शामिल किया हुआ है। इन गांवों की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 20 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। प्रत्येक महाग्राम में नया सीवरेज सिस्टम तैयार करने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को सात से दस एकड़ की भूमि की आवश्यकता है। कई बड़े गांवों के पास अब भी पंचायती भूमि है, जिस पर सीवरेज ट्रीटमेंट व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हो सकता है, लेकिन कई गांव ऐसे भी हैं, जिनके पास फिलहाल कोई पंचायती भूमि खाली नहीं है, ऐसे गांवों में विभाग को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी, जो बहुत लंबी और पेचीदा भी है। भिवानी जिले के गांव बलियाली, बामला, बापोड़ा, बडवा, बहल, चांग, देवसर, धनाना, दिनोद, कलिंगा, खरककलां, तिगड़ाना, तोशाम और बड़सी गांव महाग्राम में शामिल हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के समक्ष अब तक गांव चांग, बापोड़ा, दिनोद, खरककलां, कलिंगा, तोशाम की ग्राम पंचायतों ने सीवरेज सिस्टम के लिए पंचायती भूमि देने का प्रस्ताव सौंपकर इस कार्य को मंजूरी दी है। जबकि गांव देवसर की ग्राम पंचायत ने पंचायती भूमि नहीं होने का हवाला विभाग को दिया है।
इन गांवों में विकास परियोजनाओं पर इतना बजट मंजूर
गांव का नाम: बजट(लाखों में)
1. बड़वा-
144.70
2. बलियाली-
374.56
3. बामला-
318.65
4. बापोड़ा-
225.28
5. बड़सी जाटान-
245.72
6. बहल-
282.20
7. चांग-
251.38
8. देवसर-
423.55
9. धनाना-
415.32
10. दिनोद-
252.56
11. कैरू-
370.20
12. कलिंगा-
439.71
13. खानक-
81.94
14. खरक-
972.61
15. तिगड़ाना-
461.63
16. तोशाम-
304.96
महाग्राम योजना में शामिल गांवों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक केंद्र, जिमखाना, ई लाइब्रेरी के अलावा सड़कों का निर्माण और पॉड योजना के तहत जोहड़ों का जीर्णोद्धार का काम कराया जा रहा है। इन गांवों में कई विकास कार्यों का काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ पर काम अभी भी चल रहा है। गांवों में सीवरेज सिस्टम का जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा।
- संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग, भिवानी।
महाग्राम योजना में शामिल बापोड़ा, चांग, दिनोद के प्रस्ताव हमारे पास आ चुके हैं। इन गांवों ने सीवरेज ट्रीटमेंट व वाटर ट्रीटमेंट निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि देने की मंजूरी दी है, जबकि देवसर गांव में कोई पंचायत भूमि नहीं का प्रस्ताव मिला है। जिन गांवों में पंचायती भूमि दी है, उनका प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जाएगा। इसके बाद गांवों में सीवरेज और पेयजल व्यवस्था की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। एक गांव में सीवरेज व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सात से दस एकड़ भूमि अनिवार्य है।
- सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी एवं ग्रामीण सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।