भिवानी। नगर परिषद और एचएसवीपी दोनों में बजट मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने के बावजूद सेक्टर 13 और 23 की मुख्य सड़कों पर सेक्टरवासी हिचकोले खा रहे हैं। अब मामला विधानसभा चुनाव की आचार संहिता में उलझ गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर 13 मोड़ से महम रोड तक की सड़क के निर्माण के लिए 3.7 करोड़ का बजट निर्धारित कर मसौदा मुख्यालय भेजा था, लेकिन नगर परिषद ने इसी सड़क निर्माण के लिए करीब ढाई करोड़ के टेंडर लगा दिए थे। लेकिन आचार संहिता में सब उलझकर रह गया। इसी के साथ नगर परिषद सेक्टर 13 के अंदर की गलियों के टेंडर भी कराती, इससे पहले ही चुनावी पेंच फंस गया। अब सेक्टर के लोगों के लिए ये टूटीं सड़कें मुसीबत बन गई हैं, क्योंकि बारिश के बाद इन पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
हांसी रोड के सेक्टर 13 मोड़ से बीपीएस स्कूल के सामने होकर भगत सिंह चौक होते हुए महम रोड तक की करीब एक किलोमीटर दायरे की सड़क को फिर से तैयार कराने के लिए नगर परिषद और एचएसवीपी दोनों ही विभाग अपने-अपने स्तर पर प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन दोनों ही विभागों की कोशिशों के बावजूद मामला सिरे नहीं चढ़ा है। नगर परिषद का दावा था कि करीब ढाई करोड़ के बजट से करीब एक किलोमीटर दायरे की इस सड़क का निर्माण कराने के लिए नगर परिषद टेंडर भी लगा चुकी है।
वहीं, दूसरी तरफ एचएसवीपी के अधिकारियों ने इसी सड़क के जीर्णोद्धार के लिए मुख्यालय से 3.7 करोड़ के बजट की डिमांड का मसौदा भेजा है। हालांकि अभी इसे मंजूरी नहीं मिली है। जबकि इस सड़क की हालत कई जगह काफी ठीक हैं, मगर सेक्टर 13 में पीर बाबा की मजार के सामने करीब 200 मीटर का टुकड़े में पूरी सड़क ही गायब है। यहां सड़क कम गहरे गड्ढे ज्यादा हैं। इस सड़क की अभी तक नगर परिषद ने सुध नहीं ली है।
दिनोद रोड निर्माण का मामला भी अटका, टेंडर में नहीं हुई औपचारिकता पूरी
नगर परिषद शहर के दिनोद रोड पर भी करीब एक किलोमीटर की सड़क के करीब ढाई करोड़ के बजट से तैयार कराने के टेंडर करा चुकी है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में एजेंसियां औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाई। जब तक नगर परिषद ने दूसरी बार टेंडर कॉल किए, तब तक चुनाव आचार संहिता की घोषणा हो गई। बारिश के बाद अब दिनोद रोड की हालत काफी खराब हो चुकी है। यहां कीचड़ फैला रहता है। दिनोद रोड पर एक तरफ तो रेलवे ओवरब्रिज का काम अधर में लटका है, जबकि दूसरी तरफ दिनोद रोड का निर्माण भी नहीं हुआ है। ऐसे में लाइनपार क्षेत्र की करीब 50 हजार से अधिक की आबादी मुख्य रास्ते की दिक्कत झेल रही है।
सेक्टर एसोसिएशन भी सड़कों को लेकर दे चुकी है कई बार शिकायत
सेक्टर 13 और 23 की खस्ताहाल सड़कों को लेकर दोनों सेक्टरों की एसोसिएशन भी संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दे चुकी हैं। दी भिवानी सेक्टर 13 एसोसिएशन और सेक्टर 23 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी भी इस मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचा चुके हैं। बारिश का पानी भी सेक्टर की सड़कों पर एकत्रित हो जाता है, जिसकी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। बरसाती चैनलों पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं वहीं बरसाती नाले भी गायब हो चुके हैं, जिसकी वजह से थोड़ी सी बारिश में ही सेक्टर में जलभराव हो रहा है।
नगर परिषद सेक्टर 13 मोड़ से लेकर महम रोड तक के मार्ग और सेक्टर की अंदरूनी सड़कों के टेंडर की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन आचार संहिता के कारण काम रुक गया। इसी तरह दिनोद रोड रोड निर्माण के टेंडर कराए गए थे, लेकिन एजेंसियां औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाई। अब चुनावों के बाद ही सड़क निर्माण की परियोजनाओं के कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाएगा। इसके अलावा करीब 100 गलियों के टेंडर चुनावी आचार संहिता से पहले ही हो चुके हैं, जिन पर अब काम चल रहा है। - भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।