भिवानी। तीन माह बाद स्कूल खोलने पर विद्यार्थी कोविड-19 सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए स्कूल तो पहुंचे। मगर वे किताबों के अभाव में पढ़ाई नहीं कर सके। लंबे समय बाद स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा गया। अपने दोस्तों और शिक्षकों से मिलकर सभी खुश थे।
स्कूल स्टाफ ने पहले दिन कोरोना संक्रमण से बचाव और अनौपचारिक बातचीत कर विद्यार्थियों के परिवार का हालचाल भी जाना। इसके बाद विद्यार्थियों को कक्षानुसार किताबों की सूची दी, ताकि वे अपनी किताबें ले आएं और स्कूल में पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके। प्रत्येक स्कूल में उचित शारीरिक दूरी, मास्क प्रयोग और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूल में प्रवेश करने दिया।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार शुक्रवार से सभी स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई गईं। इसके लिए विभाग की ओर से जारी सामुदायिक दूरी के नियम का पालन किया गया। इसमें ज्यादातर स्कूलों में सम-विषय नियम को अपनाया है। इसके तहत सम अनुक्रमांक के विद्यार्थी को सोमवार, बुधवार और शुक्रवार स्कूल आना है। वहीं, विषय अनुक्रमांक के विद्यार्थियों को मंगलवार, वीरवार और शनिवार को स्कूल में आना है। पहले की तरह की रविवार का अवकाश रहेगा। प्रत्येक कक्षा में 30-30 बच्चों को बैठाया गया। जिन कक्षाओं के अधिक बच्चें आए उन्हें दूसरे कमरों में बैठाने की व्यवस्था की। सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में चारों कक्षाओं में 180 विद्यार्थी आए। वहीं, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चारों कक्षाओं के 2500 में से करीब एक हजार छात्राएं स्कूल पहुंचीं। जिन्हें उचित सामुदायिक दूरी के साथ कक्षाओं में बैठाया गया।
कोरोना से खौफ के कारण अभिभावक भी पहुंचे स्कूल
कोरोना संक्रमण का डर अभिभावकों को अब भी सता रहा है। इसलिए वे स्कूल में अपने बच्चों के साथ ही पहुंच गए। फिर स्कूल स्टाफ की ओर से उन्हें कोरोना से चिंतामुक्त रहने के लिए आश्वस्त किया। इसके उपरांत वे घर लौटे। सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में 20 से अधिक अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे। साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान 10 बच्चों का तापमान अधिक होने के कारण उन्हें वापस घर भेजा गया। तापमान अधिक होने का कारण गर्मी भी माना जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने किया स्कूलों का निरीक्षण
कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रशासन ने व्यवस्था की है या नहीं, यह जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी अजीत श्योराण स्कूल में निरीक्षण करने के लिए स्वयं पहुंच गए। उन्होंने अपनी टीम सहित बडेसरा, सय रेवाड़ी के निजी स्कूलों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कोविड-19 सुरक्षा नियमों को व्यवस्था मिलने पर उन्हें स्कूल प्रशासन की सराहना की। साथ ही स्टाफ और विद्यार्थियों को कोविड से बचाव के लिए पाठ भी पढ़ाया।
30 मिनट की लगी प्रत्येक कक्षा
गाइडलाइन के अनुसार स्कूल सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक खोले जाने हैं। इसके लिए स्कूल स्टाफ ने कक्षा की समय सारणी बनाई है। इसके अनुसार तीन घंटे में छह कक्षा लगाने की व्यवस्था की है। इनमें प्रत्येक कक्षा 30 मिनट की होगा। शुक्रवार को स्कूल स्टाफ ने कक्षा और स्कूल का टाइम टेबल बनाकर को दे दिया है।
पुरानी किताबें जमा करवाने के लिए किया प्रेरित
स्कूल प्रशासन की ओर से बच्चों को कोविड-19 सुरक्षा नियमों के पाठ के साथ ही उन्हें पुरानी किताबें जमा करवाने के लिए प्रेरित भी किया। ताकि उस कक्षा के विद्यार्थी पुरानी किताबें लगकर अपनी पढ़ाई कर सकें। शुक्रवार को किताबों के अभाव में पढ़ाई ठीक से न हो पाई।
विद्यार्थी बोले - अब अच्छे से हो सकेगी पढ़ाई
लंबे समय बाद स्कूल खुले हैं। स्कूल में पहुंचते ही विशेष तरह की अनुभूति हुई। काफी दिन बाद अपने टीचर और सहपाठियों से मिलना हुआ। सभी के परिवार का हालचाल जाना। साथ ही ऑनलाइन की बजाय स्कूल में प्रत्यक्ष रूप से कक्षा लगी। ऐसे में पढ़ाई भी अच्छे से हो पाई।
- लक्ष्य तंवर, 11वीं कक्षा।
कोरोना संक्रमण की वजह से सरकार ने स्कूल बंद कर दिए थे। इस दौरान घर पर रहकर ही पढ़ाई की। मगर घर पर पढ़ाई करने में और स्कूल में पढ़ाई करने में बहुत फर्क है। घर पर एकाग्रता नहीं बन पाती और स्कूल में लगातार एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर पाए।
- भूमि, 10वीं कक्षा।
कोरोना संक्रमण का हर जगह खौफ था। ऐसे में पिछले तीन माह घर पर ही रहे। स्कूल की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू करवाई थी। मगर उसका कोई खास फर्क नहीं पड़ा, क्योंकि टीचर कक्षा में पढ़ाते हैं तो उनका पढ़ाया विषय अधिक समझ में आता है। ऑनलाइन तो महज खानापूर्ति रही।
- खुशी, 12वीं कक्षा।
तीन माह बाद स्कूल में कदम रखते ही खुशी का अहसास हुआ। अपने टीचर, सहपाठियों से मिलकर विशेष आनंद मिला। इतने दिन बाद अपनी कक्षा में बैठकर पढ़ाई की। इस दौरान स्कूल में कोविड-19 सुरक्षा निमयों का विशेष प्रबंध रहा, जोकि सहरानीय है।
- मुस्कान, 11वीं कक्षा।
कोरोना संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों में संस्थानों की व्यवस्था की हुई थी। मैंने खुद बडेसरा और सय रेवाड़ी के निजी स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्कूलों में व्यवस्थाएं सराहनीय मिलीं। साथ ही स्कूल प्रशासन और विद्यार्थियों को कोविड-19 सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक भी किया।
- अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी।
प्रधानाचार्य ने किया कक्षाओं का निरीक्षण
बवानीखेड़ा। बवानीखेड़ा के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में उचित सामुदायिक दूरी और मास्क प्रयोग के साथ ही विद्यार्थियों का प्रवेश करवाया गया। स्कूल के मुख्य द्वार पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की गई। शिक्षक जोगेंद्र पाल, सोनू रानी, नवीन कुमार, संदीप गर्ग, कृष्ण कुमार, सत्यवान यादव, निर्मला, मोहित यादव ने विद्यार्थियों की कक्षाएं ली। साथ ही प्रधानाचार्या संतोष भाकर ने कक्षा में जाकर शिक्षा स्तर जांचा और छात्रों को जागरूक करते हुए बताया कि कोविड महामारी ने शिक्षा के साथ-साथ हर क्षेत्र में काफी नुकसान किया है, लेकिन पढ़ाई में पिछड़ना नहीं है। इसके साथ एबीआरसी राजकुमारी ने भी बच्चों को जागरूक किया। संवाद