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ढुलाई ट्रांसपोर्टर्स के भुगतान के 40 लाख रुपये के बिल किए तैयार

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नई अनाजमंडी स्थित शेड के नीचे लगे सरसों के लाखो कट्टे। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। ढुलाई ट्रांसपोर्टरों द्वारा 250 करोड़ के सरसों में मिलावट घोटाले को उजागर करने के बाद अधिकारियों ने अपने बचाव के चक्कर में 40 लाख के बकाया भुगतान के बिल तैयार किए हैं। सोमवार को बैंक खुलने के साथ ही इन बिलों का भुगतान भी ट्रांसपोर्टरों के खाते में कर दिया जाएगा। मगर इस मामले में अभी भी बड़ा सवाल यह है कि ट्रांसपोर्टरों के भुगतान रोकने के बाद उजागर हुआ सरसों में तारामीरा मिलावट के खेल में सैंपल कराने से अभी भी अधिकारी क्यों बच रहे हैं। घोटाले की आशंका के बाद से ही अधिकारी इस मामले से बच रहे हैं। वहीं सरकार के नुमाइंदे भी इस मामले में कुछ भी कहने से साफ बच रहे हैं। गोदामों में लगी सरसों की सैंपलिंग होती है तो अनेक लोग फंस सकते हैं।
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ढुलाई ट्रांसपोर्टरों के अनुसार भिवानी की नई अनाज मंडी शेड के नीचे लगी लाखों कट्टे सरसों सहित हांसी अनाज मंडी, तोशाम बाईपास के प्राइवेट गोदाम में लगी सरसों, औद्योगिक सेक्टर के एक गोदाम में लगी सरसों, कोहलावास गोदामों सहित महम के गोदामों तक पहुंची सरसों में तारामीरा की 25 फीसदी मिलावट की गई है। इस मिलावट की एवज में सरकार को भी करीब 250 करोड़ का फटका लगा है। वहीं इस मिलावटी सरसों से निकाले गए तेल से लोगों की सेहत भी बिगड़ने की आशंका है। इस मामले में सियासी रंग भी आया, मगर फिर भी सरकार के नुमाइंदे और हैफेड एवं वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के अधिकारी इस मामले को दबाने में जुटे हैं। ढुलाई ट्रांसपोर्टरों ने पूरे खरीद सीजन के दौरान किसानों से खरीद की गई सरसों के एक-एक दाने को गोदामों तक पहुंचाने का काम किया था। यही वजह है कि ढुलाई ट्रांसपोर्टर इस मामले में घर के भेदी थे, जिन्होंने घोटाले की लंका को ढहाने में कमजोरी का ही खुलासा कर दिया।
घोटाले में खुद को फंसता देख, अधिकारियों ने रोका हुआ भुगतान जारी किया
व्यापारी नेता विजय बंसल टैनी ने बताया कि सरसों में तारामीरा मिलावट के घोटाले में अधिकारियों ने खुद को फंसता देख बिना वजह रोका हुआ भुगतान का 40 लाख रुपये जारी कर दिया। इस भुगतान के अभी बिल तैयार हो चुके हैं, जिन्हेें सोमवार को बैंक खुलने के साथ ही खाते में भुगतान कराया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हैफेड और वेयर हाउस कारपोरेशन के उच्चाधिकारियों को इस संबंध में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, मगर अभी भी अधिकारी सैंपलिंग कराने से बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि सैंपलिंग होने से सरसों की बोरियों में सोना है या फिर रेत, इसका तुरंत खुलासा हो जाएगा।
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वर्जन-
चार माह पहले खरीद हुई सरसों में से दो तिहाई सरसों की बिक्री हो चुकी है। इस संबंध में मुझे अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। अगर इस बारे में मेरे पास कोई लिखित शिकायत आती है तो तुरंत मामले की जांच कराएंगे और फिर इस संबंध में आगामी कदम उठाए जाएंगे।
- राजीव रतन, मैनेजिंग डॉयरेक्टर हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन चंडीगढ़ मुख्यालय।
घोटोले पर ये बोले उप मुख्यमंत्री
भिवानी पहुंचे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला से सरसों मिलावट घोटाले पर पत्रकारों ने सवाल पूछा। जिस पर दुष्यंत सिंह चौटाला ने कहा कि खरीद के दौरान दूसरे राज्यों से सरसों आने के मामले पकड़े थे। उस दौरान भी तीन स्तर पर सरसों की वेरिफिकेशन कराई गई थी और डिप्टी कमिश्नर स्तर पर भी सरसों की खरीद के दौरान वेरिफिकेशन कराई गई। यह मामला कृषि विभाग देखेगा।
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