भिवानी। अगले आदेशों तक कोरोना की वजह से बैंक बंद रहेगा। यह नोटिस एसबीआई की घंटाघर स्थित मुख्य शाखा के बाहर चस्पा किया गया है। 12 कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मुख्य शाखा को बंद किया गया है। वहीं एक कर्मी संक्रमित आने के बाद आदर्श कॉलेज की शाखा को भी बंद कर दिया गया है। कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार कहर बरपाता जा रहा है। पिछले 12 दिन में 2029 संक्रमित यानी हर रोज औसतन 170 संक्रमित सामने आ रहे हैं। वहीं बीते 12 दिनों में 36 संक्रमित जान गंवा चुके हैं।
रोडवेज कर्मचारियों के संक्रमित होने के बाद पहले ही व्यवस्थाएं प्रभावित थी, वहीं अब एसबीआई के कर्मचारी खासी संख्या में संक्रमित सामने आए हैं। बैंक के सभी कर्मचारियों के टेस्ट करवाए जा रहे हैं। बैंक बंद होने से 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ता परेशान हैं। शादी के सीजन में उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा बढ़ गई है, वहीं बुजुर्गों को पेंशन तो बैंक से ही मिलती है।
एसबीआई मुख्य शाखा में लोगों के करीब 60 हजार बैंक अकाउंट हैं। औसतन हर रोज करोड़ों का टर्नओवर होता है। अब यहां कोरोना संक्रमण की मार पड़ी है। घंटाघर चौक स्थित मुख्य शाखा में चार कर्मचारी पहले कोरोना संक्रमित हुए थे और सोमवार को आठ की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिससे कर्मचारियों में डर का माहौल बना हुआ है।
बैंक अधिकारियों के संक्रमण ने बढ़ाई चिंता
बैंक कर्मचारी ही नहीं अधिकारियों के संक्रमित होने से परेशानी बढ़ गई है। एसबीआई के मुख्य शाखा मैनेजर के अलावा चार से पांच अधिकारी संक्रमित हैं। रेलवे रोड स्थित एक बैंक की शाखा का मैनेजर संक्रमित है, वहीं लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक का भी एक अधिकारी कोरोना संक्रमण के कारण हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।
शादी सीजन में बढ़ी परेशानी
अब शादी सीजन चल रहा है। ऐसे में जिन घरों में शादी है, उन्हें अत्यधिक कैश की जरूरत पड़ रही है। एटीएम से एक निर्धारित संख्या में ही नकदी निकाली जा सकती है। ऐसे में नकदी के लिए उपभोक्ता बैंकों के चक्कर लगा रहे है। कोरोना संक्रमण के कारण बैंक बंद होने के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। एसबीआई में ज्यादातर दुकानदारों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, पेंशन धारकों के भी खाते हैं। जिस कारण ये सभी अब परेशान हैं।
बैंकों के साथ-साथ ग्राहकों को भी खतरा
बैंकों का समय बदलकर सुबह 10 से दो बजे तक करने का मामला अभी प्रदेश सरकार के पास विचाराधीन है। मगर सुबह सभी मुख्य बैंकों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। लंबी कतार में धक्का-मुक्की हो रही है। बैंक कर्मचारी लोगों को समझा रहे हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करें। मगर हालात दूसरे ही नजर आ रहे हैं। न सामुदायिक दूरी है और न ही संक्रमण रोकने की अन्य व्यवस्थाएं। बैंक अधिकारियों की दलील है कि उनके पास न सुरक्षा कर्मी हैं और न ही पुलिस। वे सिर्फ समझा ही सकते हैं।
ये बोले ग्राहक
मैं दादरी गेट से पैदल ही घंटाघर स्थित मुख्य ब्रांच में पैसे जमा कराने के लिए आया था। यहां आकर देखा कि बैंक बंद हैं और बाहर कोरोना पॉजिटिव आने की वजह से शाखा अनिश्चितकाल के लिए बंद का नोटिस भी लगा है। अब यह भी नहीं पता कि ब्रांच कब खुलेगी। गर्मी में वापस लौटना भी मुश्किल होगा।
- रामस्वरूप, 75 वर्षीय बुजुर्ग दादरी गेट वासी।
मैं 40 किलोमीटर दूर से चलकर यहां बैंक शाखा में कैश लेने के लिए आया था। मुझे प्लाट की रजिस्ट्री करानी थी और मंगलवार को रजिस्ट्री का दिन निश्चित हुआ था। मुझे करीब ढाई लाख रुपये की सख्त जरूरत थी। अब मेरी प्लाट की रजिस्ट्री का काम भी रुक गया। इतना पैसा आनलाइन भी नहीं निकाल सकता, क्योंकि खाते में ऐसी कोई सुविधा चालू नहीं है।
- कृष्ण कुमार गांव भारीवास।
पेंशन पेमेंट आर्डर के बारे में जानकारी लेने के लिए बैंक आया था, मगर शाखा बंद पड़ी है। मेन ब्रांच में ही पीपीओ आना था। बैंक के बाहर अनिश्चित काल के लिए शाखा बंद के आदेश लगे हुए हैं। अब कोई विकल्प भी नहीं बचा है। बड़ी परेशानी होगी।
- बजरंगलाल बापोड़ा वासी।
दादरी गेट से रुपयों का लेन-देन करने के लिए बैंक शाखा में पहुंचा था, मगर बाहर लगा नोटिस देखकर सारा शेड्यूल बिगड़ गया, बैंक से पैसा नहीं मिलेगा तो जरूरी काम भी अटक जाएंगे। अब दूसरी ब्रांच से भी बैंकिंग का लेन-देन संभव नहीं होगा।
-अमित दादरी गेट वासी।