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दोपहर बाद सिविल अस्पताल में नहीं होती सैंपलिंग

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नागरिक अस्पताल के फ्लू कॉर्नर पर खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। अगर आपको कोरोना जांच करवानी है तो आपको सुबह के समय ही नागरिक अस्पताल में आना पड़ेगा। दोपहर दो बजे के बाद नागरिक अस्पताल में कोरोना जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। यह नागरिक अस्पताल के कोरोना जांच केंद्रों की खाली पड़ी कुर्सियां बयां कर रही हैं।
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स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में चार जगह ओपीडी, फ्लू कॉर्नर, आपातकालीन विभाग और वार रूम में कोरोना सैंपलिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। इनमें से आपातकालीन विभाग और फ्लू कॉर्नर में तो 24 घंटे सैंपलिंग करवाने के आदेश दिए हैं। मगर आपातकालीन विभाग, फ्लू कॉर्नर, वार रूम में तो सैंपलिंग की व्यवस्था ही नहीं है। वहीं ओपीडी में भी सिर्फ दोपहर दो बजे तक सैंपलिंग की सुविधा है। (संवाद)
ग्रामीण केंद्रों पर भी बंद हुई सैंपलिंग
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के भौगोलिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में 22 पीएचसी बनाई हुई है। इन पीएचसी केंद्रों पर पिछले कई दिनों से सैंपलिंग की सुविधा बंद की हुई है। अगर ग्रामीण क्षेत्र में किसी को सैंपलिंग करवानी है, तो उन्हें नजदीक सीएचसी पर जाना पड़ेगा और सीएचसी में सैंपलिंग नहीं हो पाती है तो उन्हें नागरिक अस्पताल में ही आना पड़ेगा।
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जिलेभर जारी टीकाकरण अभियान की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग की ओर अब तक से 852743 को पहली, 780980 को दूसरी डोज लगी है। इनमें से स्वास्थ्यकर्मी श्रेणी में 5658 को पहली, 5605 को दूसरी डोज लगी है। फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में 4987 को पहली, 4950 को दूसरी डोज लगी है। जिले में 12 से 14 साल के बच्चों को महज 9104 पहली और 391 को दूसरी डोज लगी है। 15 से 17 साल के किशोरों में 46127 को पहली और 30658 को दूसरी डोज लगी है। 18 से 44 साल के युवाओं में 536287 को पहली और 474369 को दूसरी डोज लगी है। 45 से 60 साल के लाभार्थियों में 172290 को पहली और 164571 को दूसरी डोज लगी है। जिले के 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों में 133558 को पहली, 131057 को दूसरी डोज लगी है।
9553 को लगी बूस्टर डोज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 60 साल से अधिक आयु के बुजुुर्गों, स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर को बूस्टर डोज लगाई जा रही है। जिले में अब तक 6541 बुजुर्गों, 2508 स्वास्थ्यकर्मियों और 504 फ्रंट लाइन वर्कर को बूस्टर डोज लगाई है।
पिछले 23 दिनों में सैंपलिंग की जानकारी:
दिनांक सैंपल
एक अप्रैल 625
दो अप्रैल 455
तीन अप्रैल 150
चार अप्रैल 320
पांच अप्रैल 330
छह अप्रैल 450
सात अप्रैल 320
आठ अप्रैल 380
नौ अप्रैल 480
10 अप्रैल 160
11 अप्रैल 490
12 अप्रैल 380
13 अप्रैल 420
14 अप्रैल 150
15 अप्रैल 360
16 अप्रैल 320
17 अप्रैल 170
18 अप्रैल 500
19 अप्रैल 510
20 अप्रैल 500
21 अप्रैल 475
22 अप्रैल 415
23 अप्रैल 400
बुजुर्ग ने लगाए बूस्टर डोज न लगाने के आरोप
गांव हालुवास निवासी रामअवतार शास्त्री ने बताया कि उसके फोन पर उसके व उसकी पत्नी के बूस्टर डोज के लाभार्थी होने का मैसेज आया था, जिसके बाद वे शनिवार सुबह करीब आठ बजे नागरिक अस्पताल के वार रूम में पहुंचे। वार रूम में करीब सवा नौ बजे कर्मचारी आए जिन्होंने उन्हें तो बूस्टर डोज लगा दी मगर उनकी 58 वर्षीय पत्नी को बूस्टर डोज लगाने से मना कर दिया। रामअवतार का आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें कहा कि वे रुपये देकर बूस्टर डोज लगवा ले और नागरिक अस्पताल में रुपये देकर कोई भी व्यवस्था नहीं है। रामअवतार ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संवाद
कोरोना संक्रमण की जांच के लिए नागरिक अस्पताल के फ्लू कॉर्नर, ओपीडी और आपातकालीन विभाग में सैंपलिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हुई है। इनमें फ्लू कॉर्नर और आपातकालीन विभाग में तो 24 घंटे ही सैंपलिंग की सुविधा होने की आदेश दिए है। मगर सैंपलिंग में लापरवाही बरती जा रही है तो यह गलत है, इस बारे में संबंधित अधिकारी से बातचीत की जाएगी। - डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।

नागरिक अस्पताल के फ्लू कॉर्नर पर खाली पड़ी लैब टैक्निशियन की कुर्सी। संवाद- फोटो : Bhiwani

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