निजीकरण के विरोध में अप्रैल माह में रोडवेज का पहिया जाम रखने पर सस्पेंड किए गए डिपो के पांच कर्मचारियों की बहाली के लिखित आदेश परिवहन निदेशक ने जारी कर दिए हैं। इस संबंध में 15 मई को पत्र क्रमांक 1514-41 जारी हुआ है। इतना ही नहीं कर्मचारियों की सस्पेंड अवधि को कारणवश अवकाश में शामिल करने के निर्देश भी पत्र में जारी हुए है।
चार दिन तक रोडवेज सेवाएं प्रभावित रहने से एक तरफ जहां रोडवेज को चूना लगा था तो वहीं यात्रियों को भी बेहद परेशानियां झेलनी पड़ी थी। इसके बाद परिवहन विभाग ने दादरी डिपो के पांच कर्मचारियों को सस्पेंड रखने के आदेश दिए थे। इनमें डिपो मुख्यालय के तीन व लोहारू सब डिपो के दो कर्मचारी शामिल थे। उच्चाधिकारियों के लिखित में आदेश जारी होने पर रोडवेज यूनियनों ने भी इस फैसले की सराहना की है।
गौरतलब है कि निजी बसों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने 10 से 13 अप्रैल तक चकका जाम रखा था। प्रदेशभर के सभी डिपो में की गई हड़ताल के चौथे दिन सरकार व कर्मचारी नेताओं के बीच बातचीत सिरे चढ़ गई थी। वहीं हड़ताल में दादरी डिपो के करीब 90 प्रतिशत कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था।
दादरी डिपो व लोहारू सब डिपो के करीब 450 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए थे। चक्का जाम रहने से दादरी डिपो की करीब 500 ट्रिप प्रभावित हुई थीं और विभाग को करीब 40 लाख की चपत लगी थी। हड़ताल के दौरान सरकार ने सभी डिपो प्रबंधकों को कुछेक कर्मचारी हटाने के आदेश जारी किए थे।
इनकी पालना करते हुए रोडवेज जीएम ने दादरी डिपो के तीन कर्मचारियों चालक उमेद व सतीश तथा परिचालक प्रवीन को सस्पेंड किया था। इनके अलावा लोहारू सब डिपो के दो कर्मचारी चालक सुशील व सुरेश को सस्पेंड किया था। विभागीय सूत्र बताते हैं कि सस्पेंड करने के कुछ दिन बाद ही इन कर्मचारियों ने ज्वाइनिंग कर ली थी लेकिन इस संबंध में परिवहन विभाग के लिखित आदेश नहीं आए थे।
परिवहन निदेशक के आदेशों में स्पष्ट लिखा है कि कर्मचारियों की सस्पेंड अवधि को कारणवश अवकाश में जोड़ा जाएं। वहीं, रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने इस फैसले की सराहना की है। इंटक प्रधान राजेश रावलधी का कहना है कि यह कर्मचारी हित का फैसला है और इसी अनुरूप लंबित पड़ी सभी मांगों को पूरा करना चाहिए।
वर्जन:
हमें लिखित में आदेश मिल चुके हैं। उच्चाधिकारियों के आदेशों पर ही कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। इन कर्मचारियों ने सस्पेंड होने के कुछ दिन बाद ज्वाइनिंग कर ली थी। हड़ताल में काफी तादाद में कर्मचारियों ने दादरी डिपो से भाग लिया था।