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खुलासा: गुरुग्राम से लाए गए थे रेमडेसिविर के नकली इंजेक्शन

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भिवानी। सीआईए द्वितीय की टीम ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के मामले में गिरफ्तार किए गए मेडिकल स्टोर संचालक को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में अब तक पुलिस के सामने खुलासा हुआ है कि बुजुर्ग महिला को लगाने के लिए 70 हजार रुपये में बेचे गए दोनों नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन गुरुग्राम से मंगवाए गए थे। इसके बाद पुलिस अब नकली रेमडेसिविर गिरोह से इसका संबंध होने की आशंका भी मानकर चल रही है। मामले में अब तीन अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई हैं, जिन तक पुलिस पहुंचने के लिए छापामारी में जुटी है।
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सीआईए द्वितीय के इंचार्ज श्रीभगवान यादव की टीम ने शुक्रवार रात करीब आठ बजे औषधि नियंत्रक के साथ मिलकर रोहतक रोड स्थित एक अस्पताल में कार्रवाई की थी। इस दौरान वहां से पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया था। जिसकी पहचान गांव पालुवास निवासी इन्द्रजीत उर्फ इंद्र के रूप में हुई है। शहर के खेतान पाना निवासी पंकज ने सीआईए की टीम को शिकायत देकर बताया था कि 27 अप्रैल को उसकी मां की तबियत खराब होने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल प्रशासन की ओर से बुजुर्ग महिला का कोरोना टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर चिकित्सक ने उसे रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने की बात कही थी। अस्पताल में बने मेडिकल स्टोर पर पंकज ने रेमडेसिविर इंजेक्शन मांगा था। इस पर इंद्र ने 70 हजार रुपये लेकर इंजेक्शन उपलब्ध कराए थे। पांच मई को उसकी मां की मौत हो गई थी। जिसके बाद सात मई को शिकायतकर्ता इंजेक्शन मेडिकल स्टोर पर लौटने गया था। मगर मेडिकल स्टोर संचालक ने इंजेक्शन लेने से साफ इंकार कर दिया था। उसे पता चला था कि उसे कालाबाजारी करते हुए नकली इंजेक्शन उपलब्ध कराकर उससे मोटे पैसे ऐंठे थे। इसी सूचना पर सीआईए द्वितीय टीम इंचार्ज श्रीभगवान यादव की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक को काबू किया था। पुलिस ने उसके खिलाफ ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट, आवश्यक वस्तु अधिनियम व धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।
पांच से दस हजार का कमा रहे थे मुनाफा
पुलिस जांच में सामने आया है कि नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है। इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति पांच से दस हजार रुपये का मुनाफा कमाने के लिए लोगों की जिंदगी दांव पर लगा रहा था। ये लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने वालों से मौका देखकर पैसे की मांग करते थे और उसे उसी दामों में इंजेक्शन मुहैया करा देते थे। ये लोग एक दूसरे से जुड़े थे जो अलग अलग हिस्सों में रहते हुए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बिक्री के गिरोह की तरह काम कर रहे थे।
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अब तक चार अन्य मरीजों को भी लगा चुके हैं नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन
रिमांड के दौरान आरोपी से हुई पूछताछ में यह भी उजागर हुआ है कि अब तक वह चार रोगियों को ये नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन लगवा चुका है। इन लोगों से भी उसने इसी तरह इंजेक्शन मुहैया कराने के लिए मोटे पैसे ऐंठे थे। इसमें अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई हैं, जिन तक पहुंचने के लिए पुलिस अब आरोपियों को पकड़ एक-एक कड़ी जोड़ने में जुटी है।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। फिलहाल पुलिस रिमांड अवधि के दौरान उससे गहनता से पूछताछ में जुटी है। इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगी है। इनके तार गुरुग्राम तक जुड़े होने की संभावना है।
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- इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव इंचार्ज सीआईए द्वितीय टीम भिवानी।
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