भिवानी। सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर 1930 चलाई है। साइबर अपराध रोकने का यही नंबर एकमात्र सहारा है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत डायल 1930 पर साइबर धोखाधड़ी के पूरे विवरण की शिकायत दर्ज करवाएं। आमजन अत्यधिक लाभ कमाने के लालच में न आएं, इससे ठगी के शिकार होने की आशंका बढ़ जाती है।
डीसी नरेश नरवाल ने जिलेवासियों से कहा है कि वे साइबर ठगी होने के मामलों की तत्काल सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज के कारण अक्सर लोग सोशल मीडिया पर भारी छूट, लॉटरी या फिर इनामी विज्ञापनों अत्यधिक लाभ कमाने के लालच, झांसे में आकर स्वयं का नुकसान कर बैठते हैं।
फिर भी किन्ही कारणों से आपके साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो आप सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें और अपनी शिकायत को साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करें। डीसी ने लोगों से अपील की है कि वे साइबर अपराधों से सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें।
साइबर धोखाधड़ी जैसे अपराध की रिपोर्ट करने के लिए पुलिस स्टेशन जाकर पारंपरिक तरीके से एफआईआर करवाना और उसकी जांच होना एक लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में तुरंत कार्रवाई के लिए हेल्पलाइन का विकल्प सर्वोत्तम माध्यम है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूचना जितनी जल्दी दी जाए, उतना ही अच्छा रहेगा। क्योंकि आगे के लेनदेन को रोकने के लिए पीड़ित को त्वरित सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति साइबर अपराध की वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। डीसी ने कहा कि जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव है।