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Bhiwani News: अब तीन माह से बंद शहरी दायरे की कृषि भूमि की बिना प्रॉपर्टी आईडी भी होगी रजिस्ट्री, डीटीपी की एनओसी से ही चल जाएगा काम

Fri, 31 May 2024 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी तहसील  में रजिस्ट्री से संब​धित कामकाज करवाते नागरिक।
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अशोक भारद्वाज
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भिवानी। अब तीन माह से बंद शहरी दायरे की कृषि भूमि की बिना प्रॉपर्टी आईडी भी रजिस्ट्री हो जाएगी। इसके लिए चंडीगढ़ मुख्यालय ने पोर्टल में बदलाव किया है। करीब तीन माह पहले शहर में सात किलोमीटर दायरे में कृषि भूमि की खरीद और बिक्री पर प्रॉपर्टी आईडी अनिवार्य की गई थी। इसकी वजह से काफी रजिस्ट्री अटक गई थी। मगर अब नगर योजनाकार विभाग से एनओसी के बाद ही इनकी रजिस्ट्री हो जाएगी।
भिवानी तहसील कार्यालय में 90 दिनों में शहर के सात किलोमीटर दायरे में आने वाली कृषि भूमि की रजिस्ट्री को लेकर पीआईडी की शर्त की वजह से करीब 350 से अधिक रजिस्ट्रियां अटक गई थी। लेकिन अब इन रजिस्ट्रियों का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि मुख्यालय से पोर्टल में बदलाव किया है। जिस पर शहर की कृषि भूमि पर खरीद और बिक्री के लिए नगर योजनाकार विभाग की एनओसी मिलते ही उसकी रजिस्ट्री कर दी जाएगी, जबकि पहले पीआईडी की वजह से ये रजिस्ट्रियां पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रही थी। ये बदलाव शुक्रवार से ही हुआ बताया जा रहा है।
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दरअसल, भिवानी शहरी वार्डों में सभी संपत्तियों की प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई है। शहरी दायरे में करीब 82 हजार प्रॉपर्टी आईडी याशी कंपनी के सर्वेक्षण के बाद बनाई जा चुकी हैं। इसमें से करीब 20 फीसदी शहरी प्रॉपर्टी का स्वयं सत्यापन भी प्रॉपर्टी मालिक करा चुके हैं। भिवानी तहसील कार्यालय में रोजाना ही करीब सौ से अधिक टोकन ऑनलाइन काटे जा रहे हैं। ये टोकन प्रॉपर्टी मालिक खुद अपनी संपत्ति की बिक्री के लिए कटवाता है। इसमें से करीब दस फीसदी ही मामले कृषि भूमि से जुड़े हैं। नगर योजनाकार विभाग भी अपनी शर्तें और नियम पूरी करने के बाद ही ऑनलाइन एनओसी जारी करता है। अगर किसी संपत्ति में एनओसी को लेकर शर्त पूरी नहीं है तो उस संपत्ति को डीटीपी की एनओसी नहीं मिल सकती है।
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-शहरी दायरे में अब तक कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर डीटीपी विभाग की एनओसी और पीआईडी अनिवार्य की गई है। अब इस श्रेणी में नए रजिस्ट्री के मामले आने पर ही पता लगेगा कि पोर्टल में क्या बदलाव हुआ है। पहले तो पीआईडी अनिवार्य रूप से लागू की गई थी। अगर पीआईडी में राहत दी है तो ऑनलाइन रजिस्ट्री में मौजूदा विकल्पों के आधार पर ही रजिस्ट्री जारी की जाएगी। - अजय कुमार, तहसीलदार, भिवानी।
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