बहल। तीन महीने से सर्वजातीय श्योराण खाप 84 के प्रधान पद को लेकर बना संशय खत्म हो गया है। सिधनवा सिद्धनाथ धाम में आयोजित पंचायत में खाप के वर्तमान प्रधान रामस्वरूप के आजीवन पद पर बने रहने पर मुहर लगी।
इस दौरान खाप को संगठित करने, युवाओं को समाज सुधार की कमान सौंपे जाने के साथ मृत्यु भोज, डीजे जैसी बुराइयों पर प्रतिबंध लगाने पर सहमति जताई।
शनिवार को बाबा सिद्धनाथ धाम में पंचायत में बड़ी संख्या में खाप प्रतिनिधि जुटे। प्रतिनिधियों ने पिछले कुछ समय से खाप की एकजुटता पर उठे सवालों पर गहरी चिंता जताई और से भविष्य में फिर से एकसूत्र में पिरोने पर जोर दिया। लोगों ने कहा कि खाप ने समय-समय पर समाज के लोगों को प्रेम, सौहार्द एवं एकजुटता के बंधन में बांधा है।
ऐसे में खाप का बिखराव समाज सुधार की दिशा में सही नहीं होगा। लंबे समय से चल रहे प्रधान बदलने की जरूरत को दरकिनार कर उपस्थित प्रतिनिधियों ने ने खाप के वर्तमान प्रधान रामस्वरूप सिधनवा को आजीवन प्रधान घोषित कर दिया। उनकी अवस्था के मुताबिक उनको एक शिक्षित सचिव रखने के लिए अधिकृत किया गया।
सामाजिक बुराइयों पर किया प्रहार
पंचायत में फैसला किया कि खाप प्रधान शारीरिक अस्वस्थता के कारण किसी पंचायत में अपने अधिकृत प्रतिनिधि को भेज सकते हैं। इससे उन्हें जहां राहत मिलेगी वहीं नए लोगों को पंचायत का काम संभालने का अनुभव मिल सकेगा। पंचायत में मृत्युभोज, डीजे पर प्रतिबंध लगाने की बात पर सहमति जताई तथा युवाओं को शिक्षित बनाने के लिए जोर दिया गया।
शीघ्र ही खाप की एक बड़ी पंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही फैसला लिया कि खाप प्रधान के अलावा और कोई पंचायत बुलाई जाती है तो वह सर्वजातीय श्योराण खाप की पंचायत नहीं होगी। इस अवसर पर बिजेंद्र सिंह, रतन सिंह, हवा सिंह, सोहन लाल, छाजूराम, राजकरण, प्रो. अत्तर सिंह श्योराण, अजीत, रामवतार आर्य, अमित, उमेद, राम सिंह, रणधीर, सुमेर सिंह, होशियार सिंह, बिहारी लाल आदि मौजूद रहे।