भाजपा नेता का बयान
यह पूछे जाने पर कि कोई महिला किसा आतंकवादी से कैसे लड़ पाती, उन्होंने कहा- क्यों नहीं। देवी अहिल्याबाई क्या थीं, रानी झांसी क्या थीं...महिला थीं न। उन्होंने कितना टकराव किया। हमें यही तो भाव जगाना है अपनी बहनों के अंदर कि वीरता के भाव से रहें। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं का सिंदूर छिना अगर उन महिलाओं ने अहिल्याबाई का इतिहास पढ़ा होता तो उनके पति को कोई नहीं छीन सकता था, चाहे वह भी शहीद हो जातीं। महिलाएं देवी अहिल्याबाई की तर्ज पर संघर्ष करतीं तो इस घटना में न केवल आतंकवादी मारे जाते, बल्कि भारतीय नागरिकों के जीवन की क्षति भी कम होती।
रोहतक के खरकड़ा गांव के रहने वाले रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 2026 तक है। 2014 में उन्होंने गोहाना से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। वह हरियाणा पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम के चेयरमैन भी रह चुके हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मध्यप्रदेश के एक मंत्री की ओर से भी आपरेशन सिंदूर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जा चुकी है।