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Bhiwani News: बारिश ने फसलें डुबोई, मुआवजे की उम्मीद में सूख रहीं किसानों की आंखें

Sun, 02 Nov 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बवानीखेड़ा के खेतों में जमा बरसाती पानी।
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बवानीखेड़ा। क्षेत्र में हुई लगातार तेज बारिश ने बवानीखेड़ा और आसपास के गांवों में तबाही मचा दी। भारी बारिश के बाद खेतों में भरे पानी से किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने दीपावली से पहले प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया था।
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किसानों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी बरबाद फसलों की क्षतिपूर्ति करेगी लेकिन तारीखें आगे बढ़ती जा रही हैं और राहत राशि का इंतजार अब तक खत्म नहीं हुआ। इससे किसानों में मायूसी बढ़ती जा रही है। उन्हें डर है कि मुआवजे का वादा कहीं सिर्फ आश्वासन बनकर न रह जाए।
दरअसल मानसून के दौरान हुई तेज बारिश से किसानों के खेतों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया था। कस्बे के जमालपुर मार्ग की ओर आज भी दो से तीन फीट पानी लगभग 1500 एकड़ भूमि में भरा है। इस कारण इन खेतों में रबी फसल की बुवाई फिलहाल संभव नहीं है। किसानों ने बताया कि रबी फसल के मौसम का समय तेजी से निकल रहा है और अगर जल्द मुआवजा नहीं मिला तो वे सरसों या गेहूं की बुवाई नहीं कर पाएंगे।
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किसान राजेश, यश, संदीप, पवन, दिलबाग, राज, श्याम, नरेंद्र, अशोक, राजू, पिंकू, भोपाल और टोनी ने बताया कि बिना मुआवजे और अगली फसल की बुवाई के वे अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे, यह सबसे बड़ी चिंता है।

मैं 10 एकड़ में खेती करता हूं। मेरे खेतों में अभी दो से तीन फीट तक पानी जमा है। बच्चों की शादी के लिए फसल पर निर्भर था लेकिन जलभराव ने मेरे सपनों पर पानी फेर दिया। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। -रामबीर शर्मा, किसान।


मैंने अपनी भूमि पर किसान क्रेडिट कार्ड बनवा रखे हैं। बीमा कंपनियों ने फसलों का बीमा प्रीमियम तो काट लिया लेकिन अभी तक मुआवजा राशि नहीं दी गई। ऐसे में बिना सहायता के अगली फसल की बुवाई कैसे करेंगे, यही चिंता सताए जा रही है। -सुभाष, किसान।


मुख्यमंत्री ने किसानों को दीपावली से पहले मुआवजा देने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब दीपावली को 13 दिन बीत चुके हैं और राहत की कोई सूचना नहीं मिली। केवल आश्वासन से फसलें नहीं बोई जा सकतीं, पता नहीं सरकार कब राशि जारी करेगी। - हरि किशन यादव, किसान।


जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्वयं मुख्यमंत्री गंभीर हैं। खेतों से बरसाती पानी की निकासी जल्द करवाने के निर्देश सिंचाई व अन्य विभागों को दिए जा चुके हैं। क्षति पूर्ति पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच चल रही है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मुआवजे से वंचित न रहे। जलभराव से हुए नुकसान की भरपाई सरकार अवश्य करेगी। -कपूर सिंह वाल्मीकि, विधायक, हल्का बवानीखेड़ा।
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