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80 गांवों में बरसे ओले, किसान चिंतित

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8 फोटो जूई क्षेत्र के गांव में बर्बाद फसल का जायजा लेते हुए नायब तहसीलदार रामचंद्र। - फोटो : Bhiwani
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देर रात जिले के करीब 80 गांवों में ओले बरसे। कुछ गांवों में जमकर ओले गिरे तो कुछ गांवों में कम ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि के बाद गांवों में बारिश भी खूब हुई। कुछ गांवों में तो 20 एमएम तक बारिश हुई। जिन गांवों में ज्यादा ओले गिरे वहां किसान चिंतित है और मुआवजे की गुहार लगा रहे है। वहीं जहां अच्छी बारिश हुई, वहां किसानों के चेहरे खिले है। ओलावृष्टि से गेहूं में 20 फीसदी तो सरसों में 40 फीसदी तक नुकसान हुआ। वहीं भिवानी ब्लॉक में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह भी बूंदाबांदी हुई और दिनभर आसमान में बादल छाये रहे। शीतलहर के कारण दिनभर लोग कांपते रहे और अलाव ही उनका सहारा बना। बारिश के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर जलभराव हुआ। दादरी गेट, हनुमान गेट क्षेत्र में नेशनल हाईवे 709ई. पर बने गड्ढों के कारण खूब हादसे हुए। बारिश के पानी के कारण वाहन चालकों को ये गड्ढे नजर नहीं आए और दिनभर लोग इनके शिकार होते रहे।
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वीरवार शाम से ही बारिश शुरू हो गई थी तो देर रात तक चली। रात करीब डेढ़ बजे जिले के भिवानी ब्लॉक, लोहारू, बवानीखेड़ा ब्लॉक के करीब 80 गांवों में ओलावृष्टि हुई। 15 सेकेंड से दो मिनट तक ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि के बाद गांवों में बारिश भी खूब हुई। बारिश शहर की बजाए ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा रही। रूपगढ़ में 20 एमएम तक बारिश हुई।
इन गांवों में हुई ओलावृष्टि : जिले के शंकर की ढाणी, जूई कलां, जूई खुर्द, जूई बिचली, गोलागढ़, लहलाना, केहरपुरा, टिटानी, आसलवास मरहेटा, आसलवास दुबिया, पाथरवाली, नंगला, हरिपुर, भानगढ़, गोलपुरा, कोहाड़, दिनोद, बजीना, बीरण, देवसर, चांग, खकर, बड़ेसरा, कलिंगा, ढाणी हरसुख, रेवाड़ीखेड़ा, मित्ताथल, कूंगड़, पुर, सिवाड़ा, मुंढाल, बवानीखेड़ा, बलियाली, जाटू लुहारी आदि गांवों में ओलावृष्टि हुई।
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किसान बोलो, ओलावृष्टि ने कर दिया बर्बाद : जुई के किसान पूर्व सरपंच सज्जन सिंह, लेखराम, रामचंद्र, ओमप्रकाश, पवन कुमार, खैरपूरा के सरपंच कृष्ण कुमार, रतनपाल, लीला रापडिया, राजबीर सिंह, बलवान सिंह रापडिया, सज्जन श्योराण, राजेश श्योराण, ओमप्रकाश बादल, सतेंद्र श्योराण, रमेश कुमार, गोलपूरा के किसान रमेश कुमार, मनोज कुमार, सतेंद्र सिहं, नंगला के किसान सुरेंद्र ंसिंह, बलवान सिंह, प्रदीप कुमार, साधूराम ने बताया कि वीरवार की रात को क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि में जुई खुर्द, जुई कलां, गोलागढ, शंकरढाणी, ललहाना, भानगढ़, आजादनगर, जेवली, जीतपूरा, उमरवास, खैरपूरा, नंगला, पात्थरवाली, गोलपूरा, भाखडा, हरीपूरा, आसलवास मरहेटा, लाडावास, आसलवास दूबिया, काकडौली सहित अनेक गांवों में किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। रात करीब डेढ़ बजे ओलावृष्टि हुई। किसानों ने बताया कि प्रति किला 15-20 हजार से ज्यादा का खर्चा फसल पर किया जा चुका है। ठेके पर बुआई करने वालों का खर्च ज्यादा है। अब ओलावृष्टि ने उन्हें बर्बाद कर दिया है। किसानों ने स्पेशल गिरदावरी करवा मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अधिकतम तापमान में आई गिरावट, प्रदूषण का स्तर भी गिरा : बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है वहीं प्रदूषण का स्तर भी कम हुआ है। वीरवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया था वहीं न्यूनतम तापमान 13 डिग्री था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17.1 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदूषण का स्तर वीरवार को 391 एक्यूआई दर्ज किया गया था जो बारिश के बाद गिरकर 278 दर्ज किया गया। यानी करीब 113 प्वाइंट की गिरावट।
किसानों को भारी नुकसान हुआ है : रामचंद्र
भिवानी के नायब तहसीलदार रामचंद्र सिंह ने ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और किसानों के खेतों में बर्बाद फसल का आंकलन किया। उन्होंने बताया कि दर्जनों गांवों के किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। नुकसान का आंकलन कर सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। नुकसान के आंकलन के लिए पटवारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। जल्द ही सरकार को नुकसान की रिपोर्ट भेजेंगे ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या ना हो।
ओलावृष्टि के कहर से किसान बर्बाद : किरण चौधरी
कांग्रेसी नेता और तोशाम से विधायक किरण चौधरी ने सरकार से तुरंत ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए। पूर्व चेयरमैन शीशराम लेंघा, हरि सिंह आदि नेताओं ने किसानों के खेतों का निरीक्षण किया और किसानों को ढांढस बंधाया।

फोटो 28 जूई क्षेत्र के एक गांव में ओलावृष्टि के बाद खेतों में फैले ओले- फोटो : Bhiwani

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