बवानीखेड़ा। कस्बे के दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम कार्यालय के सामने स्थित बस्ती में बरसाती पानी ने पिछले 20 दिनों से कहर बरपाना शुरू कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि वार्ड नंबर 6 और 7 के कई परिवार अपने पक्के मकान छोड़कर कस्बे के अन्य हिस्सों में किराये या रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने को मजबूर हो गए।
पलायन करने वालों में बिल्लू, विनोद, कर्मवीर, रामभगत, भीम, कृष्ण, मोनू, वीरभान, रमेश, सूबे सिंह, अजीत, मोलू, सीताराम, कुलदीप, सतबीर, बलवंत, किताब, अशोक, सोनू, कालूराम, रणबीर सहित दर्जनों लोग शामिल हैं। इनके घरों में दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे दीवारों में दरारें पड़ रही हैं और कई हिस्से गिर भी चुके हैं।
स्थानीय निवासी रामवीर गोरी, एडवोकेट राजेश सिंधु, धर्मपाल सिंह, सरोज देवी, भतेरी और पूर्व पार्षद मीना सिंधु का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका प्रशासन, जिला प्रशासन और विधायक कपूर वाल्मीकि तक से जलनिकासी की गुहार लगाई लेकिन समस्या जस की तस है। लोगों का कहना है कि पानी में खेतों से आया उर्वरक और जहरीला रसायन भी मिला हुआ है जिससे चर्म रोग, मलेरिया, डायरिया, डेंगू और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
वार्डों के बीच से गुजरने वाला मुख्य मार्ग जो बिजली निगम कार्यालय की ओर जाता है वह भी जलभराव से बाधित है। यहां रोजाना सैकड़ों लोग अपने कार्यों के लिए आते-जाते हैं लेकिन पानी भरे होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आबादी क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी के किए जा रहे हर संभव प्रयास: संदीप गर्ग
नगर पालिका सचिव संदीप गर्ग ने बताया कि जलनिकासी के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित वार्डों का दौरा किया गया है। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 6 और 7 के घरों में जमा पानी को जल्द निकालने के प्रयास हो रहे हैं। इसके लिए नगर पालिका के कर्मचारी और अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके। गर्ग ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रभावित मकानों के नुकसान की जानकारी जिला प्रशासन और राज्य सरकार तक पहुंचाई जाएगी