सुबह की बारिश और दिनभर आसमान में बादल छाये रहने के बाद मंगलवार शाम तेज बारिश के साथ ओले गिरे। करीब तीन मिनट तक ओले गिरे। शहर के अलावा करीब 10 गांवों में ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से करीब 25 फीसदी तक सरसों और गेहूं की नुकसान बताया जा रहा है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसका सर्वे कराकर ही आंकलन करवाया जाएगा। करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। बारिश के बाद शीतलहर चलने से ठंड बढ़ गई।
भिवानी में आठ एमएम तो सिवानी में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। लोहारू, बवानीखेड़ा, बहल में सात-सात एमएम बारिश हुई। रात को बारिश के दौरान ही बैंक कॉलोनी फीडर की एबी केबल जलने के कारण 13 घंटे तक बैंक कॉलोनी, हुन्नामल प्याऊ क्षेत्र, बस स्टैंड क्षेत्र की बत्ती गुल रही। मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को भी बारिश की आशंका जताई है। सोमवार रात करीब आठ बजे ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। कुछ समय रूकने के बाद रात 10 बजे फिर से शुरू हुई और रातभर रूक-रूककर बूंदाबांदी चलती रही। मंगलवार सुबह सात बजे फिर बूंदाबांदी शुरू हुई जो आठ बजे तक चली।
मंगलवार शाम साढ़े चार बजे अचानक ही मौसम में बदलाव आया और तेजी आंधी चली। आंधी के साथ ही तेज बारिश शुरू हो गई और ओले गिरने लगे। जिससे लोगों में हड़कंप मच गया। करीब तीन मिनट तक ओलावृष्टि हुई। शहर के अलावा मुंढाल, धनाना, तालू, जताई, घुसकानी, सुखपुरा, बड़ेसरा, मित्ताथल, कूंगड़ गांव के कुछ हिस्से में ओले गिरे। किसानों ने ओलावृष्टि से करीब 25 फीसदी तक गेहूं और सरसों की फसल में नुकसान की आशंका जताई है। शाम को तेज बारिश भी हुई। इससे पहले सोमवार रात को भी रूक-रूककर बूंदाबंादी चलती रही। आठ एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण शहर के मुख्य मार्गों के किनारे और नीचले इलाकों में जलभराव भी हुआ, जो लोगों के लिए आफत बना। शीतलहर चलने के कारण ठंड भी बढ़ी। न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री तो अधिक तापमान 18.2 दर्ज किया गया।
ओलो ने बढ़ाई चिंता, बारिश फसलों के लिए सोना
बारिश से किसानों के चेहरे खिले थे मगर शाम को हुई ओलावृष्टि से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरे ला दी है। कूंगड़, मुंढाल, धनाना के किसान भूपेंद्र, जगबीर, संदीप ओले से फसल में 25 फीसदी तक नुकसान हुआ है। लोहारू, बहल, तोशाम, सिवानी के किसानों सरबजीत, विनोद, रामेश्वर का कहना है कि उनके यहां बारिश हुई है और इसका फसलों में फायदा होगा। सबसे ज्यादा चने में बारिश के फायदे की आस है क्योंकि किसान चने की फसल में जमीनी पानी लगाने से बचते है। ऐसे में बारिश का पानी इस फसल के लिए बेहतर रहेगा। गेहूं और सरसों के लिए भी बारिश फायदेमंद है। किसान नरेश, जितेंद्र, मनोज, हेमंत आदि ने बताया कि जिन किसानों ने सरसों में सिंचाई नहीं की थी, उन्हें अब खेतों में पानी देने की जरूरत नहीं रहेगी। फसल बेहतर होने की उम्मीद है।
बैंक कॉलोनी फीडर पर जली एबी केबल, 13 घंटे गुल रही बिजली
बारिश के दौरान औद्योगिक सेक्टर स्थित 33केवी पावर सब स्टेशन से बैंक कॉलोनी इलेवन केवी फीडर की एबी केबल में अचानक आग लग गई। शार्ट सर्किट होने से एबी केवल नष्ट हो गई। वहीं बैंक कॉलोनी से लेकर हुन्नामल प्याऊ क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी गुल हो गई। एबी केबल सोमवार रात करीब सवा दस बजे जल गई। रातभर हुई बूंदाबांदी के कारण इसे ठीक करना भी संभव नहीं हो सका। मंगलवार सुबह इसे बदला गया और करीब 13 घंटे बाद सवा 11 बजे ही बिजली बहाल हो पाई। बिजली निगम के एरिया इंचार्ज शिवचरण शर्मा ने बताया कि बैंक कॉलोनी फीडर की एबी केबल में शार्ट सर्किट हो गया था। जिसे बदलने का काम शुरू किया और सुबह दस बजे तक केबल बदली कर दी गई थी। बैंक कॉलोनी और इसके आसपास के इलाके में आपूर्ति बाधित हुई, जिसे बहाल कर दिया गया।
नेशनल हाईवे बना हादसों का हाइवे
विभिन्न संगठनों के रोष प्रदर्शन के बावजूद नेशनल हाईवे सड़क निर्माण नहीं होने के कारण बारिश के बाद यह नेशनल हाइवे हादसों का हाइवे नजर आया। गड्ढों के कारण दिनभर यहां जाम भी लगता रहा और हादसे भी होते रहे। बस स्टैंड के समीप, रोडवेज वर्कशॉप मोड़ के नजदीक राधा स्वामी के सामने, दादरी गेट, हनुमान गेट, हालुवास गेट क्षेत्र में गड्ढे लोगों के लिए परेशानी बने रहे।
कहां कितनी बारिश
भिवानी 08 एमएम
तोशाम 06 एमएम
लोहारू 07 एमएम
बवानीखेड़ा 07 एमएम
सिवानी 10 एमएम
बहल 07 एमएम
बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से संभावित इलाकों का कृषि विज्ञान की टीम भी मुआयना कर जायजा लेगी। जिन किसानों की फसलों पर मौसम का विपरीत प्रभाव होगा, उन किसानों को उपाय भी सुझाए जाएंगे और पौधों की बढ़वार संबंधी सलाह भी दी जाएगी।
- प्रो. वेदप्रकाश लुहाच, जिला समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी।