भिवानी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अब शहरी कॉलोनियों में वाॅल्व लीकेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए ऑनलाइन करीब 25 लाख रुपये का टेंडर लगाया है। इसके बाद कंपनी को कार्य अलॉट होते ही शहरभर में पेयजल लाइनों पर लगे पुराने वाॅल्व बदली किए जाएंगे।
मुख्य लाइनों के वाॅल्व लीकेज की वजह से अधिकांश घरों के अंदर या तो पानी ही नहीं पहुंच रहा है या पहुंच रहा है तो वो भी गंदा। ऐसे में 35 से अधिक जगहों पर पुराने वॉल्व लीकेज की शिकायतें तो विभाग के समक्ष लंबे अर्से से आ रही हैं। जिन पर विभाग अब तक पुराने वॉल्व को ही रिपेयरिंग कराकर काम चला रहा है।
दरअसल शहरभर में मानसून से पहले ही पेयजल लाइनों की लीकेज और गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें बढ़ गई हैं। इसकी वजह से लोगों का आक्रोश भी अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के खिलाफ फूटने लगा है। विभागीय अधिकारियों ने अपनी पेयजल लाइनों की जांच कराई तो 35 से अधिक बिंदुओं पर पाइप लाइनों पर लगे वॉल्व लीक मिले। इसकी वजह से लाइनों में प्रेशर नहीं बनने से टेल तक पानी नहीं पहुंचने की भी दिक्कत बनी है। वहीं कई जगह तो लीकेज वाल्व के कारण गंदा पानी भी घरों तक पहुंच रहा है। लीक वॉल्व के होद में गंदा पानी जमा हो रहा है। जो सप्लाई के दौरान घरों तक पहुंच लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है।
घंटाघर बूस्टर की मुख्य लाइन का वॉल्व भी लीक
घंटाघर बूस्टर की मुख्य पेयजल लाइन पर लगा वॉल्व भी करीब दस साल पुराना है। ये वॉल्व काफी बार लीक हो चुका है। इसकी वजह से पुराने शहर की पेयजल आपूर्ति के दौरान भी वॉल्व लीक होने से काफी परेशानी आती है। ये वॉल्व भी टेंडर अलॉट होने के बाद बदली किया जाएगा। सप्लाई के दौरान वॉल्व कीमैन द्वारा बार-बार खोलना और बंद करना पड़ता है।
लाइन लीकेज की हो रही जांच
पेयजल लाइनों की लीकेज की शिकायतों की भी भरमार है। विभाग ने शहर की करीब 10 से अधिक बड़ी कॉलोनियों में पानी की लीकेज जांच का काम शुरू किया है। इसमें कई जगह तो फाल्ट भी मिले हैं। कई जगह निजी कनेक्शन लीक हैं तो कई जगह पुराने जर्जरहाल मुख्य पाइपलाइन ही लीक हो रहे हैं। इसकी वजह से सप्लाई के दौरान शुद्ध पानी भी व्यर्थ में बह रहा है।
मुख्य पेयजल लाइनों पर लगे पुराने वाॅल्व बदलने के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। करीब 25 लाख का ऑनलाइन टेंडर लगाया गया है। टेंडर अलॉट होने के बाद संबंधित कंपनी से पेयजल लाइनों पर लगे पुराने वाॅल्व बदली कराए जाएंगे। फिलहाल खराब वाॅल्व रिपेयरिंग कराकर चालू कराए गए हैं और लाइनों की लीकेज जांच का काम भी चल रहा है।
-सुरजीत सिंह मलिक, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।