भिवानी। उपायुक्त महावीर कौशिक ने कहा है कि कुष्ठ रोग को मिटाने के लिए जनसहयोग अपेक्षित है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नियमित रूप से उपचार करवाने पर इस रोग से मुक्ति मिल जाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग छूत की बीमारी नहीं है। इसलिए ही हाथ मिलाए कुष्ठ मिटाएं का स्लोगन भी दिया गया है। कुष्ठ रोग का समय पर उपचार न करने पर रोगी विकलांग हो सकता है।
उन्होंने कहा की दवाइयां से घर पर इलाज लेकर ही कुष्ठ रोग पूर्ण रूप से ठीक हो सकता है। कुष्ठ रोग के लक्षणों का जिक्र करते हुए उपायुक्त महावीर कौशिक ने बताया कि चमड़ी पर ऐसे लाल तामिया दाग व तैलिय चमक जिसमें खुजली चुभन या जलन ना हो बल्कि सुन्नपन हो तथा गर्म ठंडे का एहसास ना हो तो यह कुष्ठ रोग हो सकता है। यह धब्बे या निशान शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हाथ पांव में नमी का अनुभव न होना, कोहनी के नीचे कान के पीछे या घुटने के नीचे नस का सूजना भी कुष्ठ रोग का लक्षण हो सकता है। इसी प्रकार से हाथों या पांव की उंगलियों का मुड़ जाना अथवा विकृत होना भी कुष्ठ रोग की ओर संकेत देता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को अपनी त्वचा की जांच अवश्य करवानी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि इस बारे में अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र की आशा वर्कर अथवा एएनएम से संपर्क किया जा सकता है।