तोशाम बाईपास की मुख्य सड़क पर शराब ठेका खुलने और उसकी छत पर मोबाइल टावर लगाए जाने के विरोध में बुधवार दोपहर को डाबर कॉलोनी की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने शराब ठेका के बाहर मोबाइल टावर लगाए जाने का जमकर विरोध किया। इस दौरान शराब ठेका व मोबाइल टावर लगाए जाने की जमीन मालिक से भी स्थानीय लोगों की खूब तीखी नोकझोंक हुई। वहीं मौके पर पुलिस की राइडर भी पहुंची और मामले में गुस्साई महिलाओं को समझाने का प्रयास किया।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि वे किसी भी सूरत में यहां मोबाइल टावर नहीं लगने देंगी और शराब ठेका को भी बंद कराएंगी। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस मामले में डीसी को भी मंगलवार को लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर शिकायत दी थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए गए। वहीं टावर का काम भी स्थानीय लोगों ने जबरन रुकवा दिया। डाबर कॉलोनी निवासी रणधीर सिंह, बबलू, जगदीश शर्मा, नरेश, हरिश शास्त्री, लीला ठाकुर, कमलेश देवी, सरला, शिमला, मीना, यशवंती, मालन, आशा, पूनम, निशा, राजबाला, बजरंग व मटरू ने बताया कि तोशाम बाईपास सड़क पर शराब ठेका खुला हुआ है। इसी के पास स्कूल और मंदिर भी है, जबकि नियमों के अनुसार इन दोनों ही चीजों से शराब ठेका दूर होना चाहिए। उनका कहना था कि मुख्य सड़क पर शराब ठेका नहीं खोला जा सकता, मगर फिर भी दबंगई दिखाते हुए यहां पर शराब ठेका खुला है। जहां से सैकड़ों ट्रक चालक गुजरते हैं, जो अन्य प्रदेशों तक आते जाते हैं। शराब ठेका पर स्थानीय महिलाओं को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दिनभर यहां पर शराबी माहौल को खराब कर रहे हैं। अब शराब ठेके की छत पर मोबाइल कंपनी का टावर लगाया जा रहा है। जिसकी रेडिएशन से आसपास की घनी आबादी पर भी खतरा मंडराएगा। लोगों ने बताया कि वे इस मामले में जिला उपायुक्त को भी लिखित में एक शिकायत दे चुके हैं, मगर प्रशासन की तरफ से अभी तक यहां पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। अगर मोबाइल टावर बनाने का काम किया गया तो यहां पर माहौल काफी तनावपूर्ण हो जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं विरोध कर रही महिलाओं के साथ मोबाइल टावर लगाए जाने वाली जगह के मालिक के साथ भी तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर अनाज मंडी पुलिस चौकी की राइडर इंचार्ज सतीश ने मौके पर पहुंचकर गुस्साई महिलाओं व स्थानीय लोगों से बात की और मामले में संज्ञान लिया।
वहीं प्लॉट मालिक सन्नी ने बताया कि यहां पर एक निजी कंपनी द्वारा अनुमति लिए जाने के बाद टावर का निर्माण कराया जा रहा है। जिस जगह पर ये टावर लग रहा है वह जगह उसकी है। स्थानीय लोग बेवजह मामले में अड़ंगा डाल रहे हैं। जबकि यहां पर टावर लगाए जाने की कंपनी ने परमिशन व सभी औपचारिकताएं पूरी की हुई हैं। कुछ लोग बेवजह मामले को तूल देने का प्रयास कर रहे हैं।