कृषि विधेयकों के विरोध में सोमवार को सड़कों पर उतरी कांग्रेस में आपसी गुटबाजी एक बार फिर सामने आई। जिला मुख्यालय पर सोमवार को कांग्रेस का जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें शामिल पार्टी कार्यकर्ता अपने अपने आकाओं के झंडे थामे नजर आए। कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान झंडों पर कुछ नेताओं ने आपत्ति भी जताई और इस पर नाराज हुए नेताओं ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया।
कृषि विधेयकों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कंवीनर पूर्व विधायक सोमबीर सिंह की अध्यक्षता में शहर में विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ता क्राउन प्लाजा के समक्ष एकत्रित हुए और फिर विरोध प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय परिसर तक पहुंचे, जहां एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। सोमबीर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन काले कानून किसान-खेतिहर मजदूर का आर्थिक शोषण करने के लिए बनाए जा रहे हैं। ये जमींदारी का नया रूप है और मोदी के कुछ मित्र नए भारत के जमींदार होंगे। कृषि मंडी हटने से देश की खाद्य सुरक्षा मिट जाएगी। प्रधानमंत्री किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बना रहे हैं। इस विधेयक से मार्केट खत्म हो जाएगी और किसानों को एमएसपी नहीं मिलेगा। सरकार में किसान की आवाज को लाठियों से दबाया जाता है। किसान इस गठबंधन सरकार को कभी माफ नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि नए विधेयक कहते हैं कि अब किसान पूरे देश में कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है। वहीं दूसरी तरफ हरियाणा सरकार मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत दूसरे राज्यों की फसल को हरियाणा में आने से रोकने का नियम बनाती है। नए कानून आने के बाद भी मुख्यमंत्री कहते हैं कि वो दूसरे राज्यों की मक्का और बाजरा को हरियाणा में नहीं बिकने देंगे। इस अवसर पर संदीप सिंह, अमर सिंह, पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी, अमर सिंह हलवासिया, शीशराम मेचू, जगदीश मंढोलीवाला,प्रदीप गुलिया,अजित फौगाट, अभिजीत लालसिंह, कृष्ण लेघा, परमजीत मड्डू, अशोक ढोला, देवराज महत्ता, ईश्वर शर्मा प्रधान, शीशराम, धीरज अखरिया, दीपेश सारसर, जगदीप सांगवान, संदीप खरकिया, दिलबाग निमड़ी, मुकेश पहाड़ी, प्रिया ग्रेवाल, एडवोकेट दरिया सिंह, विजय खोरड़ा, एडवोकेट शक्ति सिंह, सतवीर सिरसी, नवीन बनेटा, सुखपाल सरपंच, किरण पाल तंवर, भुवनेश रिंकल तंवर, मोहित परमार, प्रदीप मंढोली, राजेन्द्र धानक कालुवास, अश्वनी कांगड़ा, संजय शर्मा, जयदेव तंवर, रामौतार खोरड़ा, सुशील कासनी, नवीन धमीजा, कृष्ण कुमार, निर्मला नूनिया मौजूद थे।
सरकार कानून बनाकर किसानों को पूंजीपतियों के हाथों बेचना चाहती है : किरण
कांग्रेस विधायक एवं पूर्व सीएलपी लीडर किरण चौधरी ने किसानों को लेकर बनाए गए विधेयक पर केंद्र व प्रदेश सरकार पर हमला बोला। किरण चौधरी ने कहा कि सरकार कानून बनाकर किसानों को पूंजीपतियों के हाथों बेचना और उनका गुलाम बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि छुट्टी के दिन राज्यसभा में जबरदस्ती बिल को पास करवाया गया जो दिखाता है कि सरकार किस कदर तानाशाही पर उतर आई है। कोरोना की आड़ में सरकार कृषि विधेयक लेकर आई ताकि कोरोना के नाम पर इसका कोई विरोध नहीं करेगा। और जब किसानों ने अपनी बात रखनी चाही तो किसानों पर लाठियां बरसाईं गईं। देश के अन्नदाताओं पर पड़ी एक एक लाठी का केंद्र व प्रदेश सरकार को हिसाब देना होगा।