भिवानी। लॉकडाउन के दौरान किसानों की मंडियों में खरीद की गई सरसों में व्यापक स्तर पर घोटाला और मिलावट का मामला उजागर हुआ है। यह खुलासा और कोई नहीं बल्कि लॉकडाउन में मंडियों से गोदामों तक सरसों की बोरियां पहुंचाने वाले सरकारी ट्रांसपोर्टर ही कर रहे हैं, जिसकी शिकायत भी सोमवार को सीएम विंडो में की गई है।
ढुलाई ट्रांसपोर्टरों ने सीएम विंडो में दी शिकायत में मंडियों के अंदर अधिकारियों के नाम देकर व्यापक स्तर पर सरसों के अंदर तारा मीरा (सरसों की तरह ही दिखाई देने वाला पदार्थ) की भारी मिलावट कर सरकार को भी लाखों का चूना लगाए जाने के आरोप लगाए हैं। ढुलाई ठेकेदारों ने सरसों खरीद में गड़बड़झाला और अधिकारियों का भ्रष्टाचार तब उजागर किया जब उनकी ढुलाई का भुगतान अधिकारियों द्वारा रोका गया। ढुलाई ठेकेदारों ने अपनी शिकायत में हैफेड और वेयर हाउस के गोदामों में लगी सरसों की भी उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग उठाई हैं, जिससे की सबसे बड़े सरसों घोटाले से पर्दा उठ जाएगा।
सीएम विंडो में दी शिकायत में जुई, तोशाम और चांग मंडियों के अंदर सरसों ढुलाई करने वाले ठेकेदार विजय कुमार व अनूप ने बताया कि सरकार ने किसानों की 4450 रुपये के समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद की थी। इसमें तीन हजार भाव के मिलने वाला तारा मीरा की 35 फीसदी मिलावट की गई है। भिवानी की नई अनाज मंडी के शेड के नीचे लगी सरसों के लाखों कट्टों के अंदर तारा मीरा की मिलावट की गई है। इसी तरह जिले की अधिकांश मंडियों में खरीद की गई सरसों में इसी तरह की भारी मिलावट की गई है, जो मिलावटी सरसों अब गोदामों में लगी है।
ऐसे दिया मिलावट को अंजाम
ढुलाई ठेकेदार विजय कुमार ने बताया कि जहां पर सरकार द्वारा सरसों के खरीद केंद्र बनाए गए थे, वहां पर मंडियों में परचेजर और मैनेजरों द्वारा आढ़तियों से मिलीभगत कर सरसों में 25 से 30 फीसदी तक तारा मीरा की मिलावट कराई गई। जिसके बाद ढुलाई कर इन सरसों के कट्टों को सरकारी गोदामों तक पहुंचा दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा सरकारी खरीद के दौरान ही स्टॉक की वेरिफिकेशन भी कराई गई, मगर वेरिफिकेशन करने वाले अधिकारियों ने केवल सरसों के कट्टों की गिनती ही कराई, जबकि उनका न तो वजन कराया गया और न ही कट्टों के अंदर सरसों की जांच कराई गई। अब ये मिलावटी सरसों सभी सरकारी गोदामों में लगी हैं।
राजस्थान में बाजरे का भाव 1250 रुपये, हरियाणा में 2150 रुपये, घोटाले की आशंका
ढुलाई ट्रांसपोर्टरों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि राजस्थान में इस समय बाजरे का भाव 1250 रुपये है, जबकि हरियाणा एक अक्तूबर से 2150 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बाजरा की सरकारी खरीद करेगी। बाजरा खरीद में भी खरीद एजेंसियों के अधिकारी भारी घालमेल करेंगे और सरकार को मोटा चूना लगाएंगे, इसकी तैयारी हो चुकी है, क्योंकि भिवानी जिले के सीमांत इलाकों के जरिए राजस्थान से बाजरा मंडियों में पहुंचेगा। इस पर भी रोक के लिए सरकार पुख्ता कदम उठाए।
ठेकेदार बोले, अभी तक नहीं किया ढुलाई का पूरा भुगतान
ढुलाई ठेकेदारों का कहना है कि कोविड-19 का खतरा उठाते हुए मंडियों से गोदामों तक सरसों पहुंचाई। मजदूरों की कमी के बावजूद दोगुनी मजदूरी देकर समय पर काम कराया, मगर अब अधिकारी कमीशनखोरी के चक्कर में उनके भुगतान पर कुंडली जमाए बैठे हैं।
वर्जन-
मैंने एक सप्ताह पहले ही कार्यभार संभाला है। मेरी जानकारी में एक दो जगह भुगतान न होने की जानकारी तो है, मगर सरसों के अंदर मिलावट की कोई जानकारी नहीं है, मामले के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।
- अनिल अहलावत डीएम हैफेड भिवानी।
मैं अभी चंडीगढ़ कांफ्रेंस में हूं, इस वक्त किसी भी मुद्दे पर बात नहीं कर सकता हूं। मेरी जानकारी में कोई मामला नहीं आया है।
- दिलबाग गिल, जिला प्रबंधक एचडब्ल्यूसी, फतेहाबाद।