अपनी मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारी सड़क वीरवार को सड़क पर उतरे। दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारी शहर के नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए हांसी गेट होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इसी दौरान सरकुलर रोड पर सिटी एसएचओ ने पुलिस पीसीआर आगे लगाकर कर्मचारियों को रोक दिया गया। पहले सामुदायिक दूरी के साथ दो लाइनें बनवाकर लघु सचिवालय जाने के लिए कहा गया। इसी दौरान सिविल लाइन थाना प्रभारी भी पुलिस टीम के साथ वहां पहुंच गए और कर्मचारियों को कोर्ट की ओर नहीं जाने दिया और कर्मचारियों को वापस जाने की बात कही। इस दौरान पुलिस और कर्मचारियों में काफी नोकझोंक हुई और सामुदायिक नियमों की धज्जियां भी उड़ीं। हालांकि बाद में कर्मचारियों को लौटना पड़ा।
कर्मचारियों को नौकरी से हटाने पर जताया रोष
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन भी दिया। कर्मचारियों का नेतृत्व सकसं जिला प्रधान सुखदर्शन सरोहा व सचिव सूरजभान जटासरा ने संयुक्त रूप से किया। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ महासचिव मा. जगरोशन, सकसं राज्य ऑडिटर सुभाष कौशिक, शारीरिक शिक्षक संघ नेता राजेश ढांडा, राजपाल तंवर, विनोद घणघस ने कहा कि सरकार द्वारा 1983 पीटीआई शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग, ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकालने पर राज्यभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारी विरोध है। कोविड-19 लॉकडाउन की आड़ में हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। पीटीआई शिक्षक पिछले 10 साल से नौकरी कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध आधार पर लगे हजारों कर्मचारियों को निकालने के आदेश दे दिए हैं, जो तर्कसंगत नहीं हैं। इस मौके पर अजीत राठी, सरोज शास्त्री, भाना राम, सुमन देवी, दिलबाग, जले सिंह, सुनील, भरत सिंह खटाणा, राजेश लाम्बा, राकेश मलिक, सुशील, लोकेश, हंसराज, दलबीर सांगवान, सतबीर स्वामी, सोमदत्त शर्मा, सविता, मीनू, सुमित्रा, पुष्पा, गजानंद, पुरूषोत्तम, शीतल बागड़ी, जसवंत, अनिल नागर, सुनीता आदि उपस्थित थे।