कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में सभी स्कूलों को अनिश्चितकाल तक बंद रखने के सरकारी फैसले के विरोध में निजी स्कूल संचालकों ने सोमवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर धरना दिया। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने इस दौरान सरकार को चेतावनी दी कि एक मई से हर हाल में अपने स्कूल खोलेंगे। शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी अगर स्कूल बंद कराने आएगा तो उसका विरोध किया जाएगा। इस संबंध में एसोसिएशन ने बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह को मांगपत्र भी सौंपा।
सोमवार सुबह 9:00 बजे पूर्व नियोजित प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेश भर के निजी स्कूल संचालक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद निजी स्कूल संचालकों ने बोर्ड कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाने की योजना बनाई मगर पुलिस बल की मौजूदगी में ऐसा करने में असफल रहे। इसके बाद निजी स्कूल संचालक बोर्ड कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान तीन घंटे तक निजी स्कूल संचालकों ने नारेबाजी कर रोष जताया। धरने की जानकारी मिलते ही बोर्ड चेयरमैन प्रो. जगबीर सिंह इनके पास पहुंचे। जिसके बाद धरने पर बैठे निजी स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन उनको सौंपा।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन पर वे 30 अप्रैल तक स्कूल बंद रखेंगे। मगर एक मई से स्कूल खोलते हुए नए सत्र की शुरूआत करेंगे। किसी अधिकारी ने बंद करवाने की कोशिश की तो उसका विरोध करेंगे और सीएम आवास को घेरेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की सीमित संख्या के साथ सरकार स्कूल खोलने की अनुमति दें। सरकार डबल शिफ्ट में कक्षाएं लगाने की मंजूरी दे सकती है या कोई अन्य वैकल्पिक रास्ता निकाला जाए । महासचिव दलशेर लोहान और राजेश मून ने कहा कि निजी स्कूलों के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को वेतन के अनुपात में स्कूल बंद रहने तक सहायता राशि दी जाए। एनसीआर में आने के कारण जिन स्कूल बसों की अवधि (10 वर्ष) खत्म हो गई है, उनकी अवधि दो साल बढ़ाई जाए। स्कूल बसों का पैसेंजर टैक्स, इंश्योरेंस माफ होना चाहिए । बसों और स्कूल भवन के लोन की वसूली छह महीने तक स्थगित की जाए। स्कूलों के बिजली के बिल माफ किए जाए और 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के बकाया पैसे सरकार तुरंत जारी करे। बोर्ड परीक्षा रद्द हो जाने के कारण बोर्ड परीक्षाओं की फीस स्कूलों को रिफंड की जाए।
धरने को एसोसिएशन के वरिष्ठ उप प्रधान वजीर ढांढा, उप प्रधान जोगिन्दर धूल, महासचिव राजेश मून, महासचिव दलशेर लोहान, सचिव सुनीता रेढू आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर संजीव श्योराण, यतिंदर नाथ, कर्ण मिरग, प्रीतम फोगाट, सुरेश सांगवान, बदन सिंह, मीना नरवाल, अनीता शर्मा, सुदेश पूनिया, अनिल परमार, कर्मवीर शास्त्री, रामफल खरक, देवेंदर हड़ौदी, नरेश ठुकराल, अरविन्द यादव, जतिन अधलखा, हरिराम स्वामी, राम कुमार, श्रद्धानंद आदि उपस्थित थे।
वर्जन
एक वर्ष से स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई नहीं हुई और अब उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया। हकीकत ये है कि बच्चों को एक साल में जो कुछ आता था, वो भी भूल गए हैं। अब वो एक क्लास नहीं, दो-तीन वर्ष पीछे चले गए हैं, जिसका नुकसान आने वाले वर्षों में ये बच्चे और इनके अभिभावक भुगतेंगे। ऑनलाइन पढ़ाई पूरी तरह सार्थक नहीं है।
- वजीर ढांडा, वरिष्ठ उप प्रधान, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
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प्राइवेट स्कूल कोरोना से सुरक्षा के सभी नियम फॉलो करते हुए स्कूल लगा रहे थे। स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग हो रही थी, स्टाफ और बच्चे मास्क पहन रहे थे, सभी बिल्डिंग भी सैनीटाइज हो रही थी, सभी प्रकार की सामूहिक गतिविधियां बंद थी। ऐसे में तो स्कूल सबसे सुरक्षित जगह बनते हैं। केंद्र सरकार बार-बार कहती है कि अब तो कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी, सावधानी बरतनी होगी, तो ऐसे में सिर्फ और सिर्फ स्कूलों को बंद करना कहां तक उचित है। इन सारे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए स्कूल खोलने का रास्ता निकालिए।
- जोगेंद्र ढुल, उप प्रधान
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सरकार प्राइवेट स्कूलों की किसी प्रकार की मदद नहीं करती हैं तो अगले वर्ष 70 प्रतिशत प्राइवेट स्कूल बंद हो जाएंगे। इन स्कूलों के कर्मचारी बेरोजगार होंगे, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। अब ये निर्णय सरकार को करना है कि बच्चों को शिक्षित करना चाहती हैं या नहीं।
- कुलदीप कलायत, सचिव
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वर्जन
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मई से स्कूल खोले जाएंगे। शिक्षकों को स्कूल आने के लिए कहा गया है ताकि आठवीं, नौवीं, 11वीं का परिणाम तैयार हो सके।
- प्रो. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड