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निजी अस्पताल बंद तो सामान्य अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 1250 मरीज

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आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे पर अस्पताल की ओपीडी सेवा बंद की। जिसकी वजह से जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई। लॉकडाउन के बाद अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों 600 से 650 मरीज रोजाना चेकअप करवाने के लिए पहुंचे है मगर शुक्रवार को निजी अस्पताल बंद होने से यह आंकड़ा 1200 पार कर गया। जिसके कारण अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ना लाजमी था।
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वहीं ओपीडी में मरीजों में सामुदायिक दूरी व चेहरे से मास्क गायब थे। फिजिशियन के कक्ष के बाहर मरीजों में धक्का-मुक्की भी हो गई। जिसकी वजह से व्यवस्था बिगड़ गई। सूचना मिलने पर सुरक्षाकर्मियों ने मरीज व उनके तीमारदारों को कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पाठ पढ़ाया और फिर से व्यवस्था सुचारु की।
सुबह आए 750 मरीज और दोपहर में पहुंचे 500
निजी अस्पताल बंद होने की सूचना न होने के कारण अनेक मरीज निजी अस्पतालों में उपचार करवाने के लिए चले गए। जिसके बाद उन्हें विवश होकर जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी में चेकअप करवाने के लिए पहुंचना पड़ा। ओपीडी में सेवा दे रहे स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि सुबह मरीजों की संख्या अधिक थी। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक 750 मरीज पहुंचे और दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक ओपीडी में चेकअप के लिए 550 मरीज पहुंचे। ऐसे में ओपीडी में मरीजों की भीड़ लग गई। साथ ही काफी मरीज ओपीडी में लगी भीड़ और निजी अस्पताल बंद होने से बिना उपचार करवाए ही वापस घर लौट गए।
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स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी में मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष हिदायतें दी है। जिसके तहत उन्हें ओपीडी में आने वाले हर मरीज व तीमारदार को मास्क प्रयोग, सैनिटाइजर का छिड़काव, थर्मल स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए है। ओपीडी में तीन गेट में जिन पर छह कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। वही चार सुरक्षाकर्मी अलग से तैनात किए है जो मरीजों में सामुदायिक दूरी और अन्य बातों का ध्यान रख रहे है। शुक्रवार को इन कर्मचारियों के भी पसीने छूट गए।
पिछले दो दिन से आंखों में दिक्कत है, जिसकी वजह से निजी अस्पताल में चेकअप करवाने के लिए गया था। अस्पताल में पहुंचने पर पता चला कि ओपीडी सेवा बंद है। अब जिला सामान्य अस्पताल में चेकअप करवाने के लिए आया था। पिछले दो घंटे से चेकअप के लिए इंतजार कर रहा हूं मगर अब तक नंबर नहीं आया है।
- रामशरण, मरीज।
मुझे एलर्जी की समस्या है इसलिए निजी अस्पताल में उपचार करवाने के लिए गई थी। निजी अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि दोपहर दो बजे तक ओपडी बंद है। अब सरकारी अस्पताल में आई हूं, यहां पर एलर्जी का कोई रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है, जिसकी वजह से फिजिशियन को ही चेक करवाना पड़ेगा। अस्पताल में भीड़ अधिक होने के कारण काफी देर इंतजार करना पड़ेगा।
- सरस्वती देवी, मरीज।
ओपीडी में अन्य दिनों के मुकाबले आज अधिक मरीज आए है क्योंकि निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद थी। अस्पताल की ओपीडी में सभी रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई हुई है जोकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवा रहे है। साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी कर्मचारी तैनात हुए है जो ओपीडी में आने-जाने वालों को सैनिटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क का प्रयोग करवा रहे है। -डॉ. मंजू कादियान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
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