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गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए निजी लैब में भेजने का आरोप

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भिवानी। जिला सामान्य अस्पताल में शनिवार को महिला चिकित्सक पर निजी लैब में अल्ट्रासाउंड करवाने का आरोप लगाने का मामला सामने आया है। गर्भवती महिला के परिजनों ने बताया कि दो प्राइवेट लैब में अल्ट्रासाउंड करवाने के बावजूद महिला चिकित्सक ने गर्भवती महिला का चेकअप नहीं किया और उसे रोहतक पीजीआई रेफर करने की धमकी भी दी। परिजनों की काफी देर मिन्नत करने के बाद महिला चिकित्सक ने गर्भवती महिला का चेकअप किया और उसको मंगलवार को दोबारा अस्पताल बुलाया है।
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बता दें कि स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार कोई भी चिकित्सक जिला सामान्य अस्पताल के अलावा अन्य किसी प्राइवेट लैब या अस्पताल में मरीज को चेकअप के लिए टेस्ट का परामर्श नहीं दे सकता। अगर चिकित्सक ऐसा करता मिलता है तो विभाग उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
मामला शनिवार सुबह 11 बजे का है। जिले के एक गांव निवासी 34 वर्षीय युवक ने बताया कि वह गांव में ही खेतीबाड़ी करता है। उसकी 32 वर्षीय पत्नी गर्भवती है। शनिवार सुबह वह उसे चेकअप के लिए जिला सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उसने ओपीडी में चेकअप स्लिप बनवा कर अल्ट्रासाउंड के साथ लगते भवन में महिला चिकित्सक के पास गया। युवक ने बताया कि महिला चिकित्सक ने उसे शहर के दो प्राइवेट लैब में अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया। उसने शहर के एक निजी अस्पताल से अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवा लिया। जब वह चिकित्सक के पास दोबारा चेकअप के लिए गया तो उसने अल्ट्रासाउंड चेक करने से मना कर दिया और अपने द्वारा बताएं अल्ट्रासाउंड केंद्र में ही जांच करवाने के लिए कह दिया। इसके बाद वह चिकित्सक द्वारा बताए अल्ट्रासाउंड केंद्र में जांच करवा कर वापस अस्पताल पहुंचा। युवक का आरोप है कि महिला चिकित्सक ने उसकी पत्नी का अल्ट्रासाउंड सहित अन्य कागजात फेंक दिए और चेकअप करने से मना कर दिया। जब उसने ऐसा करने का कारण पूछा तो महिला चिकित्सक ने जबरन रोहतक पीजीआई रेफर करने की धमकी दी। इसको लेकर अस्पताल में काफी देर तक हंगामा हुआ। इसके बाद महिला चिकित्सक ने उसकी पत्नी का चेकअप कर मंगलवार को दोबारा अस्पताल आने को कहा है। युवक ने फिलहाल इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं दी है। युवक ने कहा कि अगर मंगलवार को उसकी पत्नी का चेकअप ठीक से उपचार नहीं किया गया तो वह इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलेगा।
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महिला ओपीडी में आते हैं महज 40 मरीज
लॉकडाउन के चलते सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी बीमारी के प्राथमिक उपचार घर पर ही करें। अनावश्यक रूप से अस्पताल या किसी अन्य स्वास्थ्य केंद्र न जाएं। गंभीर केस में ही अस्पताल जाकर चेकअप करवाएं, ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके। ऐसे में जिला सामान्य अस्पताल की महिला ओपीडी में रोजाना 30 से 40 महिला मरीज पहुंच रही हैं, जिसमें से ज्यादातर गर्भवती महिलाएं हैं। आम दिनों में जिला सामान्य अस्पताल की महिला ओपीडी 300 से ज्यादा रहती है, अब कोरोना संक्रमण के चलते यह महज 40 केस तक ही सीमित रह गई है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें
जिला सामान्य अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद चिकित्सक द्वारा निजी लैब से अल्ट्रासाउंड करवाना संदेह के घेरे में है। फिलहाल अस्पताल में एक ही मशीन को प्रयोग में लाया गया है, क्योंकि लॉकडाउन के चलते कम लोग ही अल्ट्रासाउंड के लिए आ रहे हैं। फिलहाल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए रोजाना 35 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं।
वर्जन::::
जिला सामान्य अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन है, जहां सभी के अल्ट्रासाउंड होते हैं। अगर चिकित्सक ने किसी अन्य प्राइवेट लैब में टेस्ट के लिए कहा है तो गलत है। यह मामला मेरे संज्ञान में अब आया है। अगर किसी की शिकायत मिलती है, तो इस संबंध में जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
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- डॉ. मंजू कादियान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
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