जाम लगा रही छात्राओं को समझाने का प्रयास करते हुए अधिकारी।
- फोटो : Bhiwani
बवानीखेड़ा तक सुबह के समय बस सेवा नहीं होने पर बिफरी पुर, सिवाड़ा, कुंगड़, छोटा पाना गांव की छात्राओं ने भिवानी-हांसी मार्ग को जाम कर दिया। छात्राओं ने प्रशासन और रोडवेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। एसएचओ के आश्वासन पर छात्राओं ने जाम खोला।
पुर, सिवाड़ा, कुंगड़, छोटा पाना में पिछले कुछ दिनों ने बसों की समस्या बनी हुई है। छात्राओं केा कभी बस के साथ लटक कर सफर करना पड़ता है तो कभी वे बस नहीं मिलने के कारण वापस ही घर लौटती है। इसी समस्या से परेशान चारों गांवों की छात्राओं ने सुबह बवानीखेड़ा अस्पताल के सामने भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। छात्राएं मानव श्रृंख्ला बनाकर सड़क पर खड़ी हो गई। बाद में छात्राएं सड़क पर ही बैठ गई। जाम की सूचना पर बवानीखेड़ा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलजीत सिंह मौके पर पहुंचे और छात्राओं की समस्या सुन उनसे एक दिन का समय मांगा। इंस्पेक्टर के आश्वासन के बाद छात्राएं जाम खोलने को तैयार हुई। जाम करीब 15 मिनट तक रहा। छात्राओं ने बताया कि पुर में 10 बजे बस आती है। जिस कारण वे हर रोज एक घंटा लेट पहुंचते है। सुबह साढ़े आठ बजे वाली बस बंद कर दी गई है। दो साल पहले उन्होंने बसों की समस्या को लेकर विधायक को ज्ञापन सौंपा था। जिसके बाद कुछ समय महिलाओं के लिए विशेष बस चली। पिछले सात-आठ माह से यह बस बंद है। जिस कारण उन्हें समस्या आ रही है।
लटक कर करती है सफर, परिजन कहते है छोड़ दो पढ़ाई
छात्रा रेणु, अंजन, मीना, पूजा, मोनू, पूनम, प्रीति, सोनिया आदि ने बताया कि बसों की समस्या के कािरण वे हर रोज एक घंटा देरी से कॉलेज पहुंच रही है। इतना ही नहीं उन्हें बसों की खिड़कियों पर लटक कर सफर करना पड़ता है। बस में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। कई दफा तो लटकने तक की जगह नहीं रहती। अब परिजन भी आपत्ति जताने लगे है और कहते है कि लटककर सफर नहीं करना। वे पढ़ाई छोडने की ही बात कहते है। ऐसे में बसों की कमी के कारण उनका कॅरियर भी दाव पर है।